धर्मवीर दवे
बालोतरा पत्रिका.
शहर के जिला स्तरीय रैफरल चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी का दावा है कि अस्पताल में कंबलों की कमी नहीं है। मरीजों के ओढऩे को पर्याप्त कंबल है। पत्रिका टीम पहुंची तो मरीज घर की रजाई-गुदड़ी ओढ़े सो रहे थे। पूछा कि घर से क्यों लाए तो बोले पांच दिन से मांग रहे हैं यहां तो कोई कंबल देता ही नहीं।
लूनी नदी की तलहटी के बालोतरा शहर में कड़ाके की सर्दी है। तापमान रात में 6 डिग्री तक पहुंच रहा है। हाड़कांप सर्दी में स्वस्थ आदमी बीमार हो जाए तो बीमार का बचाव इस ठण्ड से नहीं हों तो उसकी हालत तो खस्ता ही होनी है। बीमारों के हाल जानने पत्रिका टीम गुरुवार को राजकीय नाहटा अस्पताल पहुंची। यहां
चिकित्सालय के वार्डों में भर्ती मरीज घर से लाए कंबलों को ओढ़े दिखाई दिए। किसी भी मरीज के पास सरकारी कंबल नजर नहीं आए। पूछताछ में मरीजों ने बताया कि भर्ती के बाद चिकित्साकर्मी पहले तो कंबल नहीं देते हैं। इसके बाद उनके मांगने पर वे काम की व्यस्तता का हवाला देते हुए कुछ समय बाद देने को कहते हैं। दो-तीन बार मांगने के बाद कंबल उपलब्ध नहीं करवाने पर परेशान परिजन घर से कंबल लेकर आते हैं।
पत्रिका व्यू
सर्दियों के इन दिनों में मरीजों को कम से कम दो कंबल, बिछाने को चद्दर और हो सके तो वार्ड में गर्म हीटर का प्रबंध भी करने की जरूरत है,लेकिन यह बहुत ही शर्मसार स्थिति है कि कंबल भी मरीजों को नहीं मिल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन इसके लिए व्यक्तिश: जिम्मेदारी लें और प्रत्येक मरीज के पास इन सर्दियों में दो-दो कंबल पहुंचे। कंबलांे की कमी है तो मेडिकल रिलीफ सोसायटी, दानदाता या अन्य माध्यम से प्रबंध किया जा सकता है। चिकित्सा से जुड़े कर्मचारियों की संवेदनशीलता तो यही है कि वे मरीज की राहत के लिए खुद आहत होकर कार्य करें।
नर्सिंगकर्मी नहीं देते कम्बल - नर्सिंगकर्मी कंबल नहीं देते हैं। इससे मरीज को होने वाली परेशानी पर परिजन स्वयं घर से कंबल लाते हैं। अधिकांश परिजन घर से कंबल लाते हैं। - मगाराम, मरीज का परिजन
उपलब्ध नहीं करवाई कम्बल- मैं पांच दिन से भर्ती हूं। कंबल मांगी थी, लेकिन उपलब्ध नहीं करवाई। इस पर परिजन घर से कंबल लेकर आए। नर्सिंगकर्मी ध्यान नहीं देते हैं। - सुरेन्द्र, मरीज
कमी नहीं है
चिकित्सालय में सरकारी कंबल पर्याप्त है। समय-समय पर दानदाता भी कंबल उपलब्ध करवाते हैं। इनकी कोई कमी नहीं है। भर्ती मरीजों को उपलब्ध करवाई जाती है। व्यवस्था में कहीं कोई कमी है, तो इसे दूर किया व सुधारा जाएगा। - डॉ. बलराजसिंह पंवार, प्रमुख चिकित्सालय अधिकारी बालोतरा





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