'द रफियन्स' ने मनाया रफी महोत्सव
जन्म दिन पर दी स्वरांजलि व पुष्पांजलि
श्रीगंगानगर। ख्यातनाम गायक मोहम्मद रफी के 94 वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में उनके चाहने वालों ने रविवार को इन्दिरा वाटिका में रफी महोत्सव के माध्यम से स्वरांजलि एवं पुष्पांजलि दी। 'द रफियन्स' के बैनर तले इस माह प्रत्येक रविवार ऐसे आयोजन हुए, इस कड़ी में यह आखिरी कार्यक्रम था।
कपिल कालड़ा ने संयोजन करते हुए रफी को युग पुरुष बताया व रफी के गीत 'खुदा भी आसमां से जब जमीं पर देखता होगा का जिक्र करते हुए कहा कि वे विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व के धनी थे। सुमेश शर्मा ने संस्था की जानकारी दी और बताया कि सोमवार को जरूरतमंदों को भोजन करवाया जाएगा।
जितेंद्र, शशिकान्त, लविश, शिवानी, हर्ष, भूमिका कालड़ा आदि ने रफी के 'बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफा लाए हैं, 'बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है, 'पूछो ना यार क्या हुआ, 'आज मौसम बड़ा बेइमान है, 'बेखुदी में सनम उठ गए जो कदम जैसे सदाबहार गीत प्रस्तुत किए और संगीत प्रेमियों से दाद पाई। समारोह की शुरूआत 'हैप्पी बर्थडे टू डियर रफी साहब' गीत के माध्यम से हुई। उसके बाद 'मां है मोहब्बत का नाम, मां को हजारों सलाम गीत माताओं के सम्मान में प्रस्तुत किया गया।
वाद्य यांत्रों पर दिव्यम अग्रवाल, कपिल कालड़ा, योगेश्वर, वासुदेव, हर्ष, हिमांशु एवं वत्सल ने अपनी प्रतिभा दिखाई। राजीव खेतान, प्रेम चुघ, प्रदीप अग्रवाल, भुवनेश शर्मा, संदीप अनेजा, अजय अग्रवाल, संजय सेठी, जगदीश सोनी, अशोक मेठिया सहित काफी संख्या में संगीत प्रेमी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने रफी के चित्र के समक्ष पुष्प भी अर्पित किए।





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