अश्विनी भदौरिया . जयपुर। बड़ी चौपड़ स्थित माणक चौक खंदा से 10 माह पहले हटाए गए बड़ के पेड़ को अब नाहरगढ़ बॉयलोजीकल पार्क की आवोहवा रास आने लगी है। पेड़ तेजी से बढ़ रहा है। इस पेड़ को बचाने को लिए पत्तियों पर कीटाणु रोधक इवाईयों को 15-15 दिन में छिड़का गया। वहीं जड़ों को बढ़ाने के लिए भी रूट प्रमोटर का उपयोग किया गया। नियमित पानी भी दिया जा रहा है। इस पेड़ की देखरेख कर रहे पर्यावरण प्रबंधक अरविंद कुमार अविनाशी का दावा है कि यह देश का सबसे विशाल बरगद का पेड़ है, जिसकी सफलतापूर्वक शिफ्टिंग हुई हैं। अविनाशी ने बताया कि शहर के लोगों का इस पेड़ से सर्वाधिक लगाव था। ऐसी स्थिति में हमारे सामने इस पेड़ को बचाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। आने वाले दिनों में मेट्रो की ओर से पेड़ के चारो ओर चबूतरा बनाने की योजना है।
पिछली गलती से ली मेट्रो ने सीख
मेट्रो प्रशासन की ओर से कई पेड़ों को परकोटा से हटाकर घाट की गुणी में शिफ्ट किया था। इनमें से अधिकतर पेड़ लग नहीं पाए। बड़ के पेड़ों को हटाने की बात के बाद लोगों के विरोध और ऐतिहासिक महत्व देखते हुए मेट्रो ने पर्यावरण के जानकार लोगों को जोड़ा और उसके बाद बड़े के पेड़ों की शिफ्टिंग शुरू हुई।





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