अस्पताल में चार दिन से सफाई ठप...
-गंदगी व बदबू से हो रही परेशानी, संक्रमण का बढ़ता खतरा
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. राजकीय एसआरजी चिकित्सालय व राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय में प्लेसमेंट के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। इस दौरान अस्पताल के वार्डो में चारो ओर कचरा व गंदगी के ढेर लग गए। हालाकि अस्पताल प्रशासन ने वार्ड ब्वाय के माध्यम से कुछ स्थानों पर व जरुरी जगह पर सफाई व्यवस्था ठीक करने का प्रयास किया। लेकिन अस्पतालों के टायलेट साफ नही हो सके इस कारण टायलेट की गंदगी व गंदा पानी बाहर तक आकर फैल गया। इससे मरीजों व परिजनो में संक्रमण फैलने का भी खतरा बढ़ गया। यहां बदबू के कारण ठहरना भी मुश्किल हो रहा है।
-यहां हुई सबसे ज्यादा खराब स्थिति
सबसे ज्यादा खराब स्थिति राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के अस्थि वाडऱ् की हो रही है। यहां पलंगों के नीचे व वार्ड में जगह जगह कटे हुए प्लास्टर पड़े हुए है, कचरा व गंदगी फैली हुई है। पूरे चिकित्सालय में महिला व पुरुष वार्ड के टायलेट तक जाने के रास्ते की तो हालम बहुत खराब है। टायलेट के अंदर तक जाना तो मुश्किल है इसलिए टायलेट की गंदगी व गंदा पानी बाहर तक आ रहे है। सर्जिकल वार्ड, मेडिकल वार्ड, प्रसूति वार्ड, शिशु वार्ड में चारो ओर कचरा व गंदगी फैल रही है। हालाकि अस्पताल प्रशासन ने वार्ड ब्वाय के माध्यम से स्टाफ रुम से बायो मेडिकल वेस्ट को डस्टबीन से खाली करवाने की व्यवस्था की है।
-यह है हड़ताल के कारण
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से सम्बद्व राजकीय एसआरजी चिकित्सालय व राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय में सफाई का ठेका प्लेसमेंट कम्पनी के माध्यम से दिया जाता है। 30 नव्म्बर के बाद नया ठेका हुआ है। इस कारण 1 दिसम्बर से मध्यप्रदेश के इंदौर की प्रथम सिक्योरेटी सर्विस ने काम सम्भाल लिया लेकिन सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर दिया। उनका कहना है कि बाहर से आकर ठेका लेने वाले अक्सर सफाई कर्मचारियों का समय पर भुगतान नही करते हे। तीन- चार माह तक वेतन नही मिलता है। पीएफ भी नही मिलता है। इसलिए स्थानीय ठेकेदार को यह कार्य दिया जाए।
-वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है
इस सम्बंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हमने कान्टेक्टर से शीघ्र ही सफाई की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। उसने एक दो दिन में सफाई की माकूल व सुचारु व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। नये सफाई कर्मचारी भी लगे है। पुरानो से भी वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल दोनो राजकीय चिकित्सालयों में वार्ड ब्वाय के माध्यम से सफाई की व्यवस्था सुचारु करने का प्रयास किया गया है। नगर परिषद से भी सफाई कर्मचारियों की मांग की गई है।





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