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सरकार क्या बदली पूर्व सीएम के गृह जिले में स्मार्ट सिटी बनाने में आने लगी अटकलें

खानपुर. प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही कस्बे को ३२ करोड़ की लागत से स्मार्ट सिटी बनाने का मामला फिलहाल ठण्डे बस्ते में चला गया है। प्रमुख मार्गों पर निर्माण विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाया जाना था, लेकिन चुनावों को नजदीक देख सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने अतिक्रमण का मामला चुनाव होने तक टाल दिया।
अब चुनाव के बाद सरकार ही बदलने से स्मार्ट सिटी का मामला अटक सा गया है। निर्माण विभाग द्वारा बारां रोड पर चिह्नित किए अतिक्रमणों को तोड़कर नाली निर्माण होना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में विभाग द्वारा सड़क निर्माण के २ माह बाद भी नाली का निर्माण नहीं किया जा रहा है। पिछले ५ माह से सरकार, प्रशासन व पंचायत ने आमजन को अतिक्रमण के नाम पर गुमराह किया। अब भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हंै। अब निर्माण कार्यों पर विभाग की मॉनीटरिंग है और न ही सरकारी स्तर पर निर्माण कार्यों के संबंध में कोई दिशा निर्देश। निर्माण विभाग ने ६ माह पूर्व झालावाड़ रोड पर समूचे नालों का ढकान हटाकर नालों को खुलाकर छोड़ दिया। नालों का निर्माण शुरू नहीं होने से दुकानदार व नागरिक परेशान हैं।
ये होने थे खानपुरकस्बे में निर्माण कार्य
कस्बे में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर निर्माण होने थे, अब तक एक भी निर्माण पूरा नहीं हुआ। जबकि राज्य सरकार द्वारा सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए ३० सितम्बर की अवधि तय की थी। स्मार्ट सिटी के तहत बारां रोड पर स्टेट बैंक तिराहे से अटरू तिराहे तक ६.७५ करोड़ की लागत से सीसी सड़क मय नाला, ८ करोड़ की लागत से ड्रेनेज सिस्टम, ७ करोड़ की लागत से अटरू रोड, पुराना बस स्टैण्ड, चांदखेड़ी रोड, वाया अटरू रोड, पंचायत समिति होकर अस्पताल रोड, रूपली नदी पर २ पुलियाओं का निर्माण तथा सारोला रोड पर बायपास से लेकर झालावाड रोड यादव समाज रोड तक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शामिल था। इसके अलावा ६० लाख की लागत से बस स्टैण्ड व ७४ लाख की लागत से मेगा हाइवे से मुक्तिधाम तक सीसी रोड का निर्माण शामिल था। निर्माण विभाग की पीपीपी सेल द्वारा सारोला रोड पर सीसी सड़क व शेष बची सड़क में झालावाड रोड तक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण होना था, लेकिन पीसीसी कराकर निर्माण कार्य को बीच में ही बन्द कर दिया।
समूचे अधिकारियों के स्थानांतरण
कस्बे में स्मार्ट सिटी को लेकर समूचे अधिकारियों का स्थानान्तरण हो चुका है। इसमे खानपुर पटवारी से उपखंड अधिकारी तक शामिल हैं। यहां स्मार्ट सिटी के दौरान कार्यरत उपखंड अधिकारी बीआर विश्नोई, तहसीलदार शिवदयाल वर्मा, निर्माण विभाग के अधिशासी एके साहू, सहायक अभियंता एचएल अग्रवाल, पटवारी अकील हुसैन सहित समूचे प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानांतरण हो चुका है। ऐसे में स्मार्ट सिटी का मामला अब और उलझन भरा नजर आ रहा है।
--पिछले माह ही चार्ज लिया है। फिलहाल अधिक जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्रारंभ करने के प्रयास किए जा रहे हंै।
कमल कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
--विभाग द्वारा जितनी राशि विभागों को जमा कराई थी, उतने पोल शिफ्टिंग हो चुके हंै। सड़कों पर आ रहे पोलों को दिखाया जाएगा।
मनोज कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता

( रिपोर्ट गोविन्द शर्मा पत्रिका संवाददाता)



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