अजमेर. कांग्रेस के गढ़ के रूप में प्रसिद्ध रहे नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र में सरकार की ओर से खोले गए घोषणाओं के पिटारे में से आज भी कुछ घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाईं हैं। आजादी के बाद से नसीराबाद को नगरपालिका का दर्जा आज तलक नहीं मिल पाया। क्षेत्र की कुछ समस्याएं दूर हुईं तो कुछ आज भी मुंह बाये खड़ी हैं। अवैध बूचडख़ाने, रेलवे ओवर ब्रिज की मांगें प्रमुख है। मगर इन सब के बावजूद विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस की जीत जातिगत समीकरण पर टिकी हुई हैं।
नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार परवान पर है। कांग्रेस के इस अभेद्य माने जाने वाले गढ़ में भाजपा के सांवरलाल जाट ने वर्ष 2013 में सेंध मारी थी। मगर छह माह बाद हुए उपचुनाव चुनाव में कांगे्रस प्रत्याशी रामनारायण गुर्जर ने यह सीट फिर कांग्रेस की झोली में डाल दी। इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से रामनारायण गुर्जर फिर मैदान में हैं और उनके सामने भाजपा से दिवंगत जाट के पुत्र रामस्वरूप लाम्बा प्रत्याशी हैं। दोनों की जीत विकास के मुद्दों के साथ जातिगत समीकरण पर टिकी हुई है। मतदाताओं से चुनावी मूड जानने का प्रयास किया तो यह कयास सामने आ गए।
नसीराबाद क्षेत्र के गोविन्दगढ़ में तेल की घाणी का संचालन करने वाले मोहम्मद सुबराती ने बताया कि क्षेत्र में समस्याएं वैसे तो नहीं है मगर एक नाले की समस्या जरूर है। इससे आगे चाय की एक थड़ी पर पहुंचा तो युवाओं के बीच चुनावी चर्चाओं में मशगूल सुखराम ने कहा कि गांव में दिवंगत सांवर लाल जाट ने खूब विकास कार्य करवाए थे, सरकार ने भी काम करवाए हैं। पीसांगन बस स्टैंड पर तेजाराम ने बताया कि टक्कर तो दोनों प्रत्याशियों में है, लेकिन इस बार भाजपा पूरा जोर लगा रही है।
गांवों का दौरा करते हुए जब नसीराबाद पहुंचा तो फ्रामजी चौक पर खाद-बीज व्यवसायी कैलाश से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कहा कि वे राजनीति में रुचि नहीं रखते हैं। बाजार में जैन मंदिर से पहले कपड़े की दुकान के बाहर व्यवसायी सुरेश गर्ग, कल्याण शर्मा एवं मनीष जैन का कहना था कि इस बार मोदी लहर नहीं है, मगर काम तो हुए हैं। नगरपालिका की घोषणा के बाद भी पालिका का दर्जा नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि कांग्रेस एवं भाजपा के समर्थन में मतदान करने वाले इन घोषणाओं, विकास को नहीं देखते हैं। फूल माला बेचने वाले नवल मेहरा ने कहा कि नसीराबाद में सडक़ों व नाली के अच्छे काम हुए हैं मगर दोनों में कांटे की टक्कर है।
बस स्टैंड पर कचौरा व्यवसायी राजेश ने कहा कि इस बार मतदाता बदलाव के मूड में है। इस सरकार ने काम कराए हैं। वहीं मैकेनिक का काम करने वाले रफीक ने कहा कि यहां कांग्रेस का ही शुरू से राज रहा है। रामनारायण गुर्जर भी क्षेत्र के ही हैं।
युवाओं ने कहा नोटा चुनेंगे
युवा प्रकाश सिंह तंवर ने बताया कि किसी की सरकार आई हो मगर काम नहीं हुए। ना भाजपा को वोट देंगे ना कांग्रेस को। हम तो सिर्फ नोटा चुनेंगे। उन्होंने कहा कि बरसों से नाला व गड्ढा खुदा पड़ा है किसी ने ध्यान नहीं दिया।
युवा सोच समझ कर करेगा मतदान
विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने को उत्सुक युवा राहुल ने बताया कि इस बार युवा सोच समझकर मतदान करेगा। जो हमारी समस्याएं सुनेगा, समाधान करवाएगा उसे ही वोट देंगे।
कांग्रेस व भाजपा की यह है मजबूती
कांग्रेस को जहां गुर्जर-मुस्लिम मतदाताओं से उम्मीद बंधी हैं तो भाजपा जाट-रावत मतदाताओं के भरोसे जीत का गणित लगा रही है। उधर, क्षेत्र में यादव, वैश्य, ब्राह्मण, कहार सहित छावनी क्षेत्र के वोट जीत-हार का अंतर कम-ज्यादा करेंगे।
रामनारायण गुर्जरताकत: वर्तमान में विधायक, गुर्जर समाज में प्रभाव, अब तक नसीराबाद सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व रहा है।कमजोरी: कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में विकास कार्य कम हुए, परिवारवाद से जनता में नाराजगी।रामस्वरूप लाम्बाताकत: मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से नजदीकी, पिता के प्रति सहानुभूति की उम्मीद, जाट व रावत वोट बैंककमजोरी: राजनीति का कम अनुभव, वक्ता की छवि नहीं होना।
नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र
कुल मतदाता-
2008 विधायक- महेन्द्र सिंह गुर्जर
कांग्रेस-52815
भाजपा-52744
2013 विधायक- सांवरलाल जाट
कांग्रेस-56063
भाजपा-84953





No comments:
Post a Comment