प्रचार के माध्यम से एक दूसरे को दिखा रहे नीचा: नेताओं के आगे आयोग व पुलिस साबित हो रही बौनी
सीकर. राजनैतिक दल सोशल मीडिया के जरिए चुनावी जहर घोलने में तुले हैं। चुनाव प्रसार के जरिए छींटाकंसी कर एक दूसरे को नीचा दिखाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग व पुलिस इन नेताओं के आगे बौनी साबित हो रहे हैं, जबकि एक्ट के तहत भावनाएं भडक़ाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। विधानसभा चुनाव की आड में सोशल मीडिया पर राजनैतिक दल एक दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं। वाट्सएप ग्रुपों के जरिए एेसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इनमें सामने वाले को हल्का बताकर खुद की पार्टी की मजबूती को परोसा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियों की हकीकत यह है कि इनमें जाति व धर्म को भी बख्सा नहीं जा रहा है। कार्टून व वीडियो के जरिए राजनैतिक पार्टियां एेसा एक भी मौका नहीं गंवाना चाह रही हैं। इसमें उनकी पार्टी की वाह-वाही साबित नहीं हो रही हो। जबकि स्थिति यह बन रही है कि उड़ाए जा रहे मखौल के कारण लोगों की धार्मिक व जातिगत भावनाएं आहत हो रही हैं। एेसे में निर्वाचन आयोग और पुलिस द्वारा इनके सख्ताई नहीं दिखाई जाती है तो स्थिति बेपटरी भी हो सकती है। सोशल मीडिया के जरिए प्रहार करने में बड़ी व छोटी पार्टियों सहित वे निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं।
केस एक: छात्र आंदोलनों का सहारा लेकर माकपा पर हमला
दांतारामगढ़ इलाके के एक छात्र नेता का वीडियो पिछले दो दिनों से वायरल हो रहा है। इसमें वह पुराने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए माकपा पर हमला बोल रहा है। इसमें खास तौर पर माकपा प्रत्याशी पर आरोप लगाए गए है। इससे इलाके में सियासत बढ़ी है।
केस दो: भाजपा-रालोपा की बैठक कराने
वाले एक ही
सीकर विधानसभा क्षेत्र में भी बुधवार रात से भाजपा व रालोपा की ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली बैठकों का नजारा है। इसमें दिखाया गया कि रालोपा व भाजपा की बैठक कराने वाले एक ही है। इस वीडियो को लेकर सियासी गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चा है।
केस तीन: टिकट नहीं मिला तो आलाकमान पर तंज का वीडियो
खंडेला से महादेव सिंह खंडेला को टिकट नहीं मिलने पर समर्थकों ने कांगे्रस आलाकमान के खिलाफ बगावत का वीडियो ही वायरल कर दिया। कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थकों ने भी जवाब वीडियो वायरल कर दिए। भाजपा प्रत्याशी का विरोधी खेमा भी सियासत में शामिल है।
केस चार: सभा में गूंजे एक-दूजे के विरोधी नारे
नुक्कड़ सभाओं में प्रतिद्वंद्वी पार्टी के खिलाफ नारेबाजी कर वीडियो वायरल करने की भी सियासत चरम पर है। बुधवार शाम को कांग्रेस के एक प्रत्याशी की सभा में माकपा प्रत्याशी के समर्थन में नारेबाजी हुई। जिले में यह वीडियो भी इन दिनों काफी वायरल हो रहा है।
आपत्ति जनक टिप्पणी भी शामिल
फेसबुक, वाट्सएप सहित विभिन्न सोशल मीडिया पर डाली जा रही पोस्टों में अभ्रद भाषा के प्रयोग सहित कई आपत्ति जनक टिप्पणियों का भी बोलबाला है। कहीं समुदाय विशेष को निशाना बनाकर पोस्ट डाली जा रही है। तो कहीं जातियों में वैमनस्यता फैलाई जा रही है। हालांकि निर्वाचन आयोग और पुलिस की नजर केवल प्रत्याशियों द्वारा खर्च की जा रही चुनावी राशि पर है।





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