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यहां मतदान से पहले मतदाता को कर रहे मदहोश, जानिए क्या गुल खिलाएगी यह करतूत...

कोटा. चु नाव का धूम-धड़ाका बुधवार शाम घड़ी की सुई पांच के आंकड़े पर पहुंचते ही बंद हो गया। अब प्रत्याशियों व उनके रणनीतिकारों का पूरा फोकस कच्ची बस्तियों पर हो गया है। पैसे और शराब से कच्ची बस्तियों में रातों रात वोटरों को रुख बदल जाता है। इन बस्तियों में वोट भी थोक से डलते हैं। स्थिति यह है कि शहर की जिन बस्तियों में आम दिनों में कोई नेता झांकता तक नहीं था, वहां अब सब घूमने लगे हैं। बस्तियों में लग्जरी गाडिय़ां घूम रही हैं। पत्रिका टीम ने मतदान के दो दिन पहले बुधवार को शहर की तीनों विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में आबाद बस्तियों में घूमकर लोगों की नब्ज टटोली। लोगों ने स्पष्ट कहा कि मतदाताओं पर डोरे डालने के लिए नेता पैसा और शराब का लालच दे रहे हैं। बस्तियों के लोगों का कहना था कि पिछले चुनाव तक तो नेता बस्ती के स्थानीय लोगों को साथ लेकर बस्तियों में घर-घर जाकर इस तरह के प्रलोभन देते थे, लेकिन इस बार खुले आम शराब और पैसा नहीं बांट रहे, बल्कि बस्ती के अलग-अलग मोहल्ले के एक-दो लोगों के मार्फत शराब और पैसा बांटने का काम चल रहा है। निर्वाचन विभाग के पास भी बस्तियों में शराब और पैसा बांटने की शिकायतें पहुंची हैं। इसके चलते चौकसी बढ़ा दी गई है।

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कोटा दक्षिण
नेताजी जमा कराएंगे बिजली के बिल
श हर के बीच बसी करीब 15 साल पुरानी घोड़ा बस्ती है। इस बस्ती में शराब व पैसे नहीं बंटते। विकास की बात करें तो यहां पर सीसी रोड मय नाली का निर्माण हो चुका है। बिजली के नाम पर बस्ती में स्मार्ट मीटर तक लग गए हैं, लेकिन इनके बिल जमा कौन करवाएगा, यह तो खुद लोगों को पता नहीं है। स्थानीय निवासी नरेन्द्र रैगर का कहना है कि चुनाव आ गए हैं, नेताजी ही बिजली के बिल जमा कराएंगे। कौनसे नेताजी बिल जमा कराएंगे, हंसते हुए टाल दिया। प्रचार के दौरान नेताजी ने कहा था कि चिंता मत करो, बिल हम जमा करवा देंगे। जेब खर्ची भी देते हैं।
पहले जरूर शराब आती थी, लेकिन अब नहीं
बं गाली बस्ती में पहले जरूर राजनीतिक दलों की ओर से शराब परोसी जाती थी, लेकिन अब परिवार के सदस्यों में शिक्षा का बदलाव आने के कारण शराब व अन्य चीजों का सेवन नहीं किया जाता। स्थानीय निवासी अखिल कुमार का कहना है कि पहले चुनाव के वक्त कई राजनीतिक दल यहां आते थे। शराब बांटते थे। इस चुनाव में अभी तक तो कोई नहीं आया है। इस बस्ती में विकास की बात करें तो यहां पर कुछ नहीं हुआ है। इस बार अब तक कोई दल बस्ती में नहीं आया। एक महिला ने कहा कि दो दिन से देर रात कुछ कार्यकर्ता आते हैं, वोट के लिए पैसे देने की बात कह रहे हैं।
बस्ती में बंटती है शराब व पैसा
ह र चुनाव के समय बस्ती में नेताओं की ओर से शराब और पैसा बांटा जाता है। अभी कोई नहीं आया, लेकिन दो दिन बाकी हैं, जरूर कोई न कोई आएगा। यह कहना है स्थानीय निवासी बादाम बाई का। उन्होंने बताया कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों के लोग रात के समय आते हैं और शराब व पैसा तक बांटते हैं। वोट डालने कई मतदाता जब घरों से नहीं निकलते हैं तो उनके आदमी आते हैं, पैसे देकर गाड़ी में बैठाकर ले जाते हैं। वाहन से लाने व ले जाने की तक व्यवस्था करते हैं।

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कोटा उत्तर

प्रलोभन देने के लिए आ रहे हैं

बा पू नगर कच्ची बस्ती में राजेश तम्बोली अपने परिजनों के साथ घर के बाहर कुर्सी पर बैठा है। बस्ती में अधिकांश घरों में ताले लगे हंै तो कुछ घरों में महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे मौजूद हैं। राजेश ने कहा कि अभी तक तो शराब व रुपए बांटने के लिए कोई नेता नहीं आया। हां प्रचार के लिए सभी पार्टियों के कार्यकर्ता रोज धूम धड़ाके के साथ आ रहे हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए कुछ कार्यकर्ता प्रलोभन दे रहे हैं। वोटर्स के हिसाब से सौदेबाजी कर रहे हैं।ं

दे रहे हैं लालच
पां च साल तक तो किसी ने बस्ती की सुध नहीं ली। अब वोट मांगने रोजाना ही नेता आ रहे हैं। बस्ती के लोगों का कहना है कि बस्ती का विकास करने वाले को वोट देंगे। मंगलवार को कुछ लोग बस्ती के दो जनों को साथ रात में घूम रहे थे। पैसे देने की बात कहकर पक्ष में वोट देने की बात कह रहे थे। बस्ती की बबीता बैरवा का कहना है कि लालच में नहीं आएंगे। विकास करने वाले को वोट देंगे।

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लाडपुरा

मोल-भाव तय करने लग गए
ब स्ती के बाशिदों की चुनावी नब्ज टटोलने का जतन किया गया। खुलकर कोई बात करने को तैयार नहीं, लेकिन बस्ती में खेल रहे बच्चे दौड़कर आ गए और बोले क्या बांटने आए हो.., एक बच्चा बोला कल जीप में ब्रेड और टॉफियां लेकर आए थे, वह बांटकर गए थे। शाम को खाने के पैकेट भी देकर गए थे।
एक नेता के कार्यकर्ताओं ने बस्ती के लोगों से कहा कि बिजली के बिल जमा नहीं करवाना है, हम जमा करवा देंगे। स्मार्ट मीटर हटावा देंगे। कार्यकर्ता वोटों का मोल-भाव करने लग गए। बस्ती के लोगों का कहना है कि मतदान के दो दिन पहले बस्ती में शराब बांटी जाती है।

पिछले सालों तक खूब बंटती रही है शराब
क रीब 2500 घरों की बस्ती है। बस्ती का आलम अलग है। बस्ती में शराब और पैसे बंटने की शिकायत पर पत्रिका टीम मौके पर पहुंची। यहां लोगों ने सटीक जवाब दिया। हर बार तो शराब और पैसा बांटने आते थे। बुधवार तक कोई नहीं आया है। पिछली बार तो खूब शराब बांटी गई थी। अभी तक न पैसे बांटने आया, नहीं शराब बांटने आया। लोगों का कहना है कि दो दिन से भाजपा और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता रात दस बजे बाद बस्ती में आ रहे हैं। कुछ लोगों से बातचीत कर लौट जाते हैं।



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