Breaking News
recent

गांव के इस वार्ड मेंबर ने बता दिया कि चुनाव केवल प्रचार से नहीं जीते जाते...

कोटा. भरत सिंह कुंदनपुर राजस्थान का जाना-पहचाना नाम है। गहलोत सरकार में मंत्री रहते हुए कई महकमे भी संभाल चुके है लेकिन यहां बात पूर्व मंत्री की नहीं बल्कि गांव के एक पंच की जिन्होंने अपनी परंपरागत सीट से चुनाव तब जीता जब देश के लगभग सभी सर्वे उनकी हार की भविष्यवाणी कर चुके थे। कोटा जिले में कुल 6 विधानसभाएं आती है इनमें से एक है सांगोद। चुनाव पूर्व और मतदान के बाद देश के कई समाचार चैनलों द्वारा किए गए सीट वार सर्वे में सांगोद सीट पर भाजपा के जीतने का अनुमान जताया गया था। भरत सिंह सभी सर्वे को गलत साबित करते हुए जीत हासिल की है।


पंच रहते हुए लड़ा चुनाव
2013 के विधानसभा चुनावों में मंत्री रहते हुए उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपने राजनीतिक कद की चिंता किए बिना पंच का चुनाव लड़ा और जीता भी। कई चुनावी सभाओं और पार्टी के सम्मेलन में वे पंच होने का हवाला देकर बड़े नेताओं के साथ बैठने की जगह कार्यकर्ताओं के साथ बैठे हुए नजर आते थे। हाल ही में हुआ चुनाव भी उन्होंने पंच रहते हुए ही लड़ा और जीतने के बाद इस पद से इस्तीफा दे दिया।

नतीजों ने भाजपा के लिए बजाई खतरें की घंटी

सादगी से किया प्रचार
चुनावों के दौरान क्षेत्र में इक्का दुक्का जगह ही भरत सिंह के होर्डिंग्स नजर आए। समाचार पत्रों से भी उन्होंने दूरी ही बनाकर रखी वहीं सोशल मीडिया पर तो उनकी मौजूदगी शून्य ही नजर आई। यही वजह रही कि सर्वे करने वाली एजेंसियां भी यहां जमीनी माहौल भापने में नाकाम रही। इसके इतर विपक्षी उम्मीदवार ने जमकर चुनाव प्रचार किया। हालांकि चुनाव परिणाम में भरत सिंह को जीत आखिरी राउंड की मतगणना के बाद ही मिली। हार-जीत का अंतर भले ही 1868 मतों का रहा हो लेकिन भरत सिंह की जीत से उनके समर्थक खुश है। गहलोत मंत्री मंडल में उन्हें जगह मिलने की पूरी संभावना भी है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.