जयपुर। व्यंजन द्वादशी के मौके पर गुरुवार को छोटाकाशी के विभिन्न मंदिरों में ठंडे के मौसम के अनुरूप भगवान को बाजरे की खीचड़े, चूरमा, मूंगफली, गोंद के लड्डू व तिल से बने व्यंजनों सहित अन्य पकवानों का भोग लगाया जाएगा। वहीं, शयन के समय ठाकुर जी को मफलर, रजाई और कंबल ओढ़ाया जाएगा और 56 भोगों की विशेष झांकी सजाई जाएगी।
गोविंददेवजी, सरस निकुंज, मुरली मनोहर, राधा-दामोदर, आनंद कृष्ण बिहारी, लक्ष्मीनारायण बाईजी, लाड़लीजी, गीता गायत्री मंदिर सहित अन्य मंदिरों में ठाकुरजी को शारदीय व्यंजनों व मेवा मिश्रित पकवानों का भोग लगाया जाएगा। फिर उन्हें मखमली व गर्म कपड़े धारण करवाए जाएंगे। साथ ही गर्भगृह में हीटर भी लगाया जाएगा।
उधर, गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुर जी को विशेष सुनहरे पारचे की पोशाक धारण करवाई जाएगी। विशेष व्यंजन द्वादशी झांकी के दर्शन दोपहर 12 से 1 बजे तक होंगे। चांदी की थाली-कटोरी में ठाकुरजी को कच्चा भोग, दाल और खीर का भोग लगाया जाएगा। इस दिन सुबह की राजभोग झांकी के दर्शन नहीं हो सकेंगे।
ऋ तु पुष्पों से शृंगार
इधर, कई मंदिरों में बुधवार को व्यंजन द्वादशी मनाई गई। बड़ी चौपड़ स्थित मंदिर लक्ष्मी नारायण बाईजी में सुबह पंचामृत से अभिषेक के बाद ठाकुरजी को नवीन पोशाक धारण करा ऋ तु पुष्पों से शृंगार भी किया गया। राजभोग झांकी में बाजरे का चूरमा, दाल-बाटी, गजक व रेवड़ी का भोग लगाया गया।





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