बीकानेर . चार वर्षीय अंशिका अब सुन सकेगी और बोल सकेगी। वह जन्म से बधिरपन से ग्रसित थी, जिससे वह सुन व बोल नहीं पा रही थी। पीबीएम अस्पताल के नाक-कान व गला विभाग में चिकित्सकों ने बच्ची का ऑपरेशन करकॉक्लियर इम्प्लांट लगाया है। परिजनों ने उसे पीबीएम अस्पताल के चिकित्सकों को दिखाया था। बुधवार को एसएमएस कॉलेज एवं अस्पताल जयपुर से आए डॉ. मोहनीश ग्रोवर एवं पीबीएम ईएनटी अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपचंद के मार्गदर्शन में सह आचार्य डॉ. गौरव गुप्ता ने ऑपरेशन किया। डॉ. दीपचंद ने बताया कि बच्ची को नि:शुल्क लगाया गया इम्प्लांट प्रोसाइल सीनिर का था, जो विश्व में बेहतरीन माना जाता है। इसकी अनुमानित लागत १५ लाख रुपए है।
इम्प्लांट की विशेषता
डॉ. गुप्ता के मुताबिक प्रोफाइल सीनिर इम्प्लांट सबसे पतला एवं छोटा है। इसका प्रोसेसर लगभग अदृश्य है। इस इम्प्लांट से मरीज को काफी साफ सुनाई देता है। यह स्वत: ही सभी वातावरणों के अनुसार एडजेस्ट हो जाता है। ऑपरेशन में दंत चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. रंजन माथुर, डॉ. राजीव नारायण पुरोहित, ईएनटी विभाग के डॉ. मोहनीश ग्रोवर, डॉ. पूजा तथा निश्चेतन विभाग की आचार्य डॉ. कांता भाटी, डॉ. शिवा, स्पीच थैरेपिस्ट फिरोज खान एवं स्टाफ नर्स सुमन का सहयोग रहा।
चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन
बच्ची का ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था। बच्ची का मुंह जन्म से कम खुल रहा था, जिससे ऑपरेशन करने के लिए बच्ची को बेहोश करना चुनौती थी। चिकित्सकों की कड़ी मेहनत से ऑपरेशन कर इम्प्लांट लगा दिया गया है।
डॉ. आरपी अग्रवाल, प्राचार्य, एसपी मेडिकल कॉलेज





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