मलारना डूंगर. अवैध बजरी खनन व निर्गमन को रोकना पुलिस व प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। बजरी कारोबार से जुड़े लोग पुलिस को धता बता दिन दहाड़े कस्बे में होकर बजरी के वाहनों को निकाल रहे हैं। इससे आमजन को हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। गुरुवार सुबह स्टेशन सड़क मार्ग से बजरी लेकर आ रहे ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रोकने के प्रयास में एक पुलिसकर्मी मुकेश की जान पर बन आई। गनीमत रही कि पुलिस कर्मी ट्रॉली की चपेट में आते बाल बाल बचा। कुछ ही पलों में बजरी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पुलिस की निगाहों से ओझल हो गई। थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की है।
जान पर बन आई तो लगाई चेक पोस्ट : गुरुवार को बजरी का वाहन रोकने के दौरान पुलिस की जान पर बन आई तो मलारना स्टेशन मार्ग पर आनन फानन में चेक पोस्ट स्थापित कर दी गई। सैनीपुरा तिबारा के पास पुलिस ने अस्थाई रूप से गुरुवार शाम टेंट लगा दिया। अग्रिम आदेश तक यहां चौबीस घण्टे 4 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। यह लोग बजरी के वाहनों को रोक कर जब्ती की कार्रवाई भी करेंगे।
शिकायत का नहीं कोई असर : न्यायालय की रोक के बावजूद मलारना स्टेशन व भूखा बनास नदी से लगातार बजरी का अवैध खनन कर निर्गमन किया जा रहा है। बजरी से भरे दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉली दिन में ही कस्बे के बस स्टैण्ड पर होकर निकलते है। तेज रफ्तार में निकलने वाले इन वाहनों से हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। उधर शाम ढलते ही बजरी परिवहन से जुड़े ट्रक व ट्रेलर संचालकों की सड़कों पर सक्रियता किसी से छिपी नहीं है।
बजरी माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे। स्टेशन रोड पर चेक पोस्ट लगा दी गई है। गुरुवार को बजरी के ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने के दौरान एक पुलिस कर्मी दुर्घटना ग्रस्त होते हुए बचा है। अब जो अवैध बजरी खनन व परिवहन करते पकड़े जाएंगे। उनके खिलाफ नियमानुसार मामले दर्ज होंगे।
बृजेन्द्र सिंह, थाना प्रभारी मलारना डूंगर





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