झालावाड़। जिले के व मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र से बड़ी संख्या में राजकीय चिकित्सालय में आने वाले रोगियों को गम्भीर हालात में बड़े शहरों में अस्पताल के लिए रैफर करने पर अब एयर एम्बुलेंस भी उपलब्ध हो सकेगी। राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय के तृतीय तल पर 3 हजार 975 वर्ग मीटर क्षेत्र में इन दिनों 848 लाख की लागत से स्पेशल वार्ड का निर्माण व इसकी छत पर हेलीपेड़ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दरअसल, यहां निर्माण कार्य 31 अगस्त 2018 को पूरा करना था लेकिन चार माह की देरी होने पर विभाग की ओर से संवेदक पर जुर्माने की प्रक्रिया की जा रही है। अब नए साल में मई या जून तक यह पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
नीचे बनेगा स्पेशल वार्ड, मिलेगी मरीजों को राहत
चिकित्सालय में तृतीय तल पर पूरे वातानुकूलीत तीन ब्लाक बनाए जा रहे हैं। इसमें 22 पलंगों को एक आईसीयू वार्ड, 23 पलंगों का एक सेमी आईसीयू वार्ड, 15 पलंगों का एक सेमी पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, डॉक्टर ड्यूटी रुम, डेमो रुम, 224 विद्यार्थियों की क्षमता वाला एक लेक्चर थियटर का निर्माण किया जा रहा है। यहां गम्भीर रोगियों को भर्ती किया जाएगा ताकि आवश्यकता पडने पर तुरंत हवाई सेवा के लिए हेलीपेड़ उपलब्ध हो सके। मरीज सीधे लिफ्ट के माध्यम से छत पर पहुंच सकेंगे। इसकी छत पर एक पार्ट में हेलीपेड़ बनाया जा रहा है। अस्पताल की तृतीय मंजिल पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान अस्पताल के अंदर से सामान आदि नहीं पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए पुराने अस्पताल की इमारत से लोहे की अस्थाई सीढिय़ां बनाई गई है। इससे मजदूर आते जाते हैं। इसी प्रकार बाहर बड़ी मशीनों के माध्यम से सीधे छत पर निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही है। बाहर से चल रहे इस निर्माण कार्य के कारण अस्पताल के अंदर किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
डीजीसीए के अनुरूप ले रहा आकार
राजस्थान स्टेट रोड़ डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक सुनील अग्रवाल ने बताया कि राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय के तृतीय तल पर 1 अक्टूबर 2017 से 848 लाख रुपए की लागत से हेलीपेड़ व स्पेशल वार्ड का निर्माण शुरु किया गया था। इसमें 26 बाई 26 वर्गमीटर में हेलीपेड का काम हो चुका है। हालांकि इसका निर्माण 31 अगस्त 2018 को पूरा होना था लेकिन देरी के कारण सेंवदक पर जुर्माने की प्रक्रिया की जा रही है। लेक्चर थियटर व टेरेस फ्लोर पर हेलीपेड़ पर डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एडवाईजर (डीजीसीए) के अनुसार ड्राईंग की प्रक्रिया चल रही है।
मरीजों को मिल सकेगी राहत
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.आर.के.आसेरी ने बताया कि वर्तमान में गम्भीर रोगियों को एम्बुलेंस व अन्य वाहनों के माध्यम से सड़क मार्ग से रैफर करना पड़ता है। हेलीपेड़ बनने से एयर एम्बुलेंस की तुरंत उपलब्धता होने से गम्भीर रोगियों की भी समय पर उपचार मिलने से जान बचाई जा सकेगी।





No comments:
Post a Comment