बीकानेर. सर्दी के सीजन में इन दिनों बाजारों में गर्म तासीर के खाद्य पदार्थों की बिक्री परवान चढऩे लगी है। बाजार में मिठाइयों की दुकानों पर घेवर की खुशबू महकने लगी है। इस मौसम में मैदे और घी के मिश्रण से बने घेवरों के सेवन का भी खास महत्व है। रबड़ी, घेवर व छोटे (कटोरी) घेवरों की बिक्री शुरू हो गई है। स्थायी व अस्थायी दुकानों पर देशी घी के घेवर तैयार हैं। इनकी दरें अलग-अलग है। बाजारों में पनीर घेवर 340 से 400 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहे है।
इसके अलावा छोटे (कटोरी) घेवर 40 रुपए प्रति नग बिक रहा है, यह केशर-पिस्ता युक्त रबड़ी से तैयार होता है। देशी घी से बने फीके घेवर 500 रुपए तक प्रति किलो बिक रहे हैं। वनस्पति घी से निर्मित घेवर भी बिक रहे हैं। मलमास से मकर सक्रांति तक घेवर का सीजन रहेगा। इसके अलावा विवाह समारोह में भी घेवर परोसा जाता है। देशी घी, मैदा व चीनी के मिश्रण से तैयार घेवर का लजीज स्वाद सर्दी के मौसम में हर किसी को ललचा रहा है।





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