सवाईमाधोपुर. प्रदेश में सभी विवाह स्थलों पर वाटर हार्वेस्टिंग व अग्निशमन की एनओसी जरूरी कर दी है। विवाह स्थलों पर अब वाटर हार्वेस्टिंग और अग्निशमक यंत्रों की एनओसी के साथ सुरक्षा प्रबंध होने पर ही संचालन की अनुमति मिल सकेगी।
नियमों की अवहेलना पर संचालित विवाह स्थलों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने नगरीय निकायों को गाइडलाइन जारी की है। नगरपरिषद आयुक्त ने गाइडलाइन के मुताबिक पांच सदस्यीय टीम गठित कर विवाह स्थलों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
20 तक पंजीयन नहीं, तो होंगे सीज : जिला मुख्यालय पर 17 मैरिज गार्डन संचालित है, लेकिन इनमें एक भी मैरिज गार्डन का पंजीयन नहीं है, जबकि नए आदेशों में वाटर हार्वेस्टिंग और अग्निशमक यंत्रों की एनओसी जरूरी हो गई है। नगरपरिषद से मिली जानकारी के अनुसार 20 दिसम्बर तक मैरिज गार्डन संचालकों ने पंजीयन नहीं कराया तो मैरिज गार्डन को सीज किया जाएगा।
ये नियम है जरूरी
विवाह स्थल संचालकों को नॉन ज्यूडिशियल स्टॉम्प पेपर पर स्व प्रमाणन घोषणा-पत्र संबंधित नगरीय निकाय को देना होगा। इसमें विवाह स्थल पर निर्धारित अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था, अग्निशमन केन्द्र से अनापत्ति प्रमाण-पत्र, सुरक्षा की दृष्टि से आने-जाने के दो रास्ते विवाह स्थल पर है, कचरा संग्रहण व गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, बिजली, पानी व इमरजेंसी लाइट और जनरेटर की व्यवस्था किए जाने का हवाला देना होगा। वहीं महिला और पुरुष के लिए निर्धारित मापदंड के अनुसार पर्याप्त शौचालय, विवाह स्थल पर वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया जा चुका है, हलवाई व भोजन तैयार करने के स्थान पर हवा, रोशनी व वेंटिलेशन की पर्याप्त सुविधा, रात दस बजे से सुबह छह बजे तक ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
टीम करेगी जांच
टीम की ओर से शहर के सभी विवाह स्थलों की जांच की जाएगी। टीम में राजस्व अधिकारी को प्रभारी, एईएन सहप्रभारी, एटीपी, अग्निशमन अधिकारी व कनिष्ठ लिपिक को सदस्य बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार करीब छह माह पहले भरतपुर एवं ब्यावर में हुई दुखांतिका के मद््देनजर विभाग ने यह गाइडलाइन जारी की है।
सूचना बोर्ड जरूरी
विवाह स्थल में सुविधाजनक व सुरक्षित पार्किंग स्थल न्यूनतम 25 प्रतिशत क्षेत्र में उपलब्ध, समुचित गार्डों की व्यवस्था, एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस अंतरण व गैस के भण्डारण संबंधित नियमों की पालना व गैस का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा। वहीं दृष्टि गोचर स्थान पर सूचना बोर्ड लगाने, इसमें विवाह स्थल का नाम, पंजीकरण क्रमांक, अनुमति अवधि व अग्निशमन निरीक्षण का विवरण अंकित करना होगा।
अस्पताल से सौ मीटर की परिधि में प्रतिबंधित
विवाह स्थल का संचालन अस्पताल से सौ मीटर की परिधि में संचालन प्रतिबंधित किया गया है। वहीं रात्रिकालीन शिक्षण संस्थाओं के पास विवाह स्थल की अनुमति दिए जाने पर यदि शिक्षण कार्य में बाधा आती है, तो वहां पर अनुमति नहीं दी जाएगी। नगरपरिषद की रिपोर्ट के बाद शहर के विवाह स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा।
जिला मुख्यालय पर संचालित सभी मैरिज गार्डन संचालकों को आखिरी नोटिस देकर 20 दिसम्बर तक पंजीयन कराने, वाटर हार्वेस्टिंग व अग्निशमक यंत्रों की एनओसी कराने के निर्देश दिए है। नियमों की पालना नहीं करने पर 20 दिसम्बर बाद मैरिज गार्डनों को सीज किया जाएगा।
रविन्द्रसिंह यादव, आयुक्त, नगरपरिषद सवाईमाधोपुर





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