राजेन्द्रसिंह देणोक
पाली। देश-दुनिया में अपनी खूबसूरती और सुडौलता के लिए ख्यात मारवाड़ी नस्ल के अश्व अब अंबानी परिवार की शोभा बढ़ाएंगे। हाल ही में मुकेश अंबानी की बेटी की उदयपुर में आयोजित प्री वेडिंग सेरेमनी में मारवाड़ी अश्व ने अतिथियों को खासा रोमांचित किया था। परिणामस्वरूप अंबानी परिवार ने दस घोड़े पसंद किए हैं। ये घोड़े अंबानी परिवार के फार्म में रखे जाएंगे।
रिलायंस गु्रप के अध्यक्ष एवं देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी को मारवाड़ी नस्ल के अश्व बेहद पसंद आए हैं। अंबानी परिवार ने नारलाई के जोधा स्टड फार्म से 2 सफेद (नुगरे) रंग के घोड़े और 8 घोडिय़ां खरीदी है। ये सभी अश्व मुम्बई भेजे गए हैं। घुड़सवारी के लिए हेरिटेज लुक वाला साजो-सामान भी उन्हें आकर्षित किए बिना नहीं रहा। इसलिए खाला, सेडलरी इत्यादि अश्व के साथ भेजा गया है। गौरतलब है कि नारलाई में अश्व फार्म चला रहे डॉ. अजीतसिंह राव 31 अश्व लेकर प्री वेडिंग सेरेमनी में शामिल हुए थे। खास बात ये रही कि प्री वेडिंग सेरेमनी में राव ने ही राजस्थानी रियासतकालीन थीम तैयार की थी। जो देसी-विदेशी मेहमानों के खूब मन भाई।
मारवाड़ी अश्वों की ये खासियत
मारवाड़ी अश्व की अपनी खासियत है। मारवाड़ का व्यक्ति रौबदार व्यक्तित्व का धनी होता है। ठीक उसी तरह यहां का अश्व भी अपनी शारीरिक सुडौलता के लिए प्रसिद्ध है। उसके कान घुमावदार होते हैं। किसी भी माहौल में अपेक्षा के अनुरूप ढलना और कम समय में प्रशिक्षित होना भी इनकी खासियत है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा अश्व है।
नामचीन हैं अश्व
पाली जिले में मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों की नस्ल काफी है। कई अश्व प्रेमी मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों का संरक्षण कर रहे हैं। रोहट का आलीशान और सारंग, नाडोल का प्रभात, सादड़ी का प्रहलाद, नारलाई का अलीबाबा और अलीवंश तथा राणकपुर की अलबेली घोड़ी अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है।
मारवाड़ के लिए गौरव
यह गौरव की बात है कि अंबानी परिवार को मारवाड़ी नस्ल का अश्व पसंद आया। इससे मारवाड़ी अश्व को संरक्षण देने के मिशन को मजबूती मिलेगी। अंबानी परिवार के आग्रह पर 10 अश्व मुम्बई भेजे गए हैं। मारवाड़ी अश्व पर्यटकों को लुभाते रहे हैं। यहां आने वाला पर्यटक घुड़सवारी का लुत्फ उठाए बिना नहीं रहता। -डॉ. अजीतसिंह राव, फार्म संचालक
संरक्षण के लिए सरकार भी कदम उठाए
अश्व संरक्षण को अंबानी परिवार ने संबल दिया है। ये हमारे लिए खुशी की बात है। मारवाड़ी अश्व के संरक्षण के लिए निजी स्तर पर काफी प्रयास हो रहे हैं, लेकिन सरकार का सहयोग भी अपेक्षित है। -प्रदीपसिंह राठौड़, अध्यक्ष, जिला घुड़सवारी संघ, पाली





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