गंगापुरसिटी . फसलों के लिए खाद का इंतजाम नहीं होने से गुस्साए किसानों के हंगामे के बाद मंगलवार को कोतवाली थाने से किसानों को खाद बांटा गया। इससे पूर्व किसान तहसील कार्यालय पर जुटे। भीड़ ने यहां नारेबाजी करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया। इससे कुछ देर तक रास्ता अवरुद्ध हो गया। सूचना पर कोतवाली थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को थाने से खाद बंटवाने की बात कही। इसके बाद किसानों को कृषि अधिकारियों की निगरानी में थाने से खाद बांटा गया। किसानों को करीब 1200 कट्टे खाद के बांटे गए। ऐसे में दिनभर थाने के बाहर किसानों का हुजूम लगा रहा। इससे पहले सोमवार को पुरानी अनाज मंडी में यूरिया खाद का एक ट्रक पहुंचा था।
किसानों की भीड़ ने ट्रक को घेर लिया और यहां अव्यवस्था का माहौल हो गया। इसके बाद ट्रक को थाने पर खड़ा करा दिया गया। मंगलवार सुबह किसान इक_ा होकर तहसील कार्यालय पहुंचे और खाद की मांग करते हुए नारेबाजी करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया। इससे तहसील कार्यालय के बाहर कुछ देर तक रास्ता अवरुद्ध हो गया। कोतवाली थाना प्रभारी दीपक ओझा ने किसानों को समझाकर थाने से खाद बांटने की बात कही। इसके बाद किसान थाने पहुंचे। यहां कृषि अधिकारियों ने प्रति किसान एक कट्टे के हिसाब से खाद दिया। कृषि अधिकारी गोपाल शर्मा ने बताया कि किसानों को करीब 1200 कट्टे खाद के दिए गए हैं। अभी और खाद मंगाया गया है। साथ ही एक रैक की डिमांड भी भेजी है, जो जल्द ही पहुंच जाएगी।
इसके बाद खाद की किल्लत पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। कोतवाली थाने पर सीओ नरेन्द्र शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि सरकारी खाद किसानों को सस्ते दामों पर मिल रहा है, जबकि बाजार में इसका मूल्य करीब-करीब दोगुना है। ऐसे में किसान बाजार से खाद नहीं खरीद पा रहे हैं। खाद की कमी के चलते फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पिपलाई . कस्बे में यूरिया खाद की किल्लत होने से किसान परेशान हैं। मंगलवार को कस्बे में खाद की दुकानों पर गाड़ी उतरते ही किसानों की भीड़ लग गई। ऐसे में दुकानदार ने खिड़की के माध्यम से कागजात लेकर किसानों को खाद उपलब्ध कराया। महज 6 00 कट्टों से सभी किसानों की पूर्ति नहीं हो पाई है।
जान जोखिम में डाल किसानों ने खरीदा यूरिया
सूरवाल. करमोदा क्षेत्र में मंगलवार को खाद विक्रय केन्द्र पर यूरिया के पहुंचने की जैसे ही किसानों को जानकारी मिली, यहां खाद खरीदने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। शुरुआत में यहां किसानों ने हंगामा कर दिया और यूरिया से भरे ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। किसान खाद उतारकर ले जाने लगे, लेकिन स्थिति को देखते हुए पुलिस की व्यवस्था करनी पड़ी। खास बात तो यह थी कि हाई वे के दूसरी ओर लंबी कतार लगाई गई थी। किसानों ने हाईवे क्रॉस कर जान जोखिम में डालकर यूरिया खरीदा। सुबह यूरिया के आने से पहले ही काफी संख्या में यहां किसान एकत्र हो गए। यहां किसानों और महिलाओं की लंबी कतार लग गई, लेकिन काफी देर तक भी ट्रक नहीं आने पर नाराज किसानों ने हंगामा कर दिया।
इस दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीलर को अपनी दुकान दो-तीन बार बंद करनी पड़ी। जैसे ही ट्रक आया तो हंगामा कर रहे किसानों ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और इसमें से यूरिया उतारकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ बुजुर्ग और जागरूक लोगों की समझाइश से मामला शांत हुआ। किसानों के हंगामे को देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ी। तब जाकर व्यवस्था संभल पाई। दोपहर बाद तो स्थिति यह थी कि किसानों और महिलाओं की हाईवे के पार लंबी कतार देखी गई। हाईवे के उस पार लगी लंबी लाइन में से किसान और महिलाएं एक-एक कर हाईवे क्रॉस कर विक्रय केन्द्र दुकान पर आए और यूरिया खरीदा।
हाईवे के दोनों ओर लंबी लाइन लगने तथा किसानों की भीड़ उमडऩे से बीच-बीच में हाईवे पर आंशिक जाम जैसी स्थिति बनी रही। यूरिया वितरण का काम देर शाम तक चलता रहा। यूरिया का वितरण कृषि अधिकारी बृजेश मीना और करमोदा के कृषि पर्यवेक्षक विजय जैन की मॉनिटरिंग में किया गया। कृषि पर्यवेक्षक विजय जैन ने बताया कि मंगलवार को यूरिया के तीन ट्रक आए जिनमें से करीबन 13 कट्टों का वितरण किया गया।





No comments:
Post a Comment