सीकर/नीमकाथाना/खंडेला. खंडेला क्षेत्र के गांव गोविन्दपुरा, प्रीतमपुरी में बुधवार शाम सवा पांच बजे बूंदाबांदी के साथ चने के आकार के ओले गिरने लगे। इसी तरह गांव गुहाला, नृसिंहपुरी व डेहरा जोहड़ी में हल्की बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे। इलाके के गांव टोडा में शाम करीब साढ़े पांच बजे हल्की बुंदाबांदी के बाद सर्दी ने रंग दिखा दिया। इस क्षेत्र में करीब एक घंटे तक रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। खंडेला क्षेत्र में बुधवार शाम मौसम का मिजाज बदल गया। शाम को तेज गर्जना के साथ बरसात शुरू हुई। करीब एक घंटे तक हल्की बरसात हुई।
इस दौरान चने के आकार के ओले भी गिरे। गांव कोटड़ी लुहारवास से उदयपुरवाटी मार्ग से लेकर तिवाड़ी की ढ़ाणी तक करीब एक घंटे तक हुई बरसात के साथ चने के आकार के ओले गिरे। ओले गिरने से उस क्षेत्र की जमीन एक बार सफेद हो गई। ओलावृष्टि इतनी तेज थी की वाहन चालकों ने भी अपने वाहन रोक लिए। सडक़ के दोनों ओर वाहनों की कतारे लग गई थी। ओले रुकने के बाद ही यातायात शुरू हो पाया। खेतड़ी क्षेत्र के मेहाड़ा जाटूवास में बुधवार को गर्जना के साथ बरसात शुरू हो गई। बाद में चने के आकार के ओले गिरे।
एक दिन में गिरा साढे तीन डिग्री तापमान
बर्फबारी और ओलावृष्टि का असर है कि जिले में एक दिन में ही तापमान में साढे तीन डिग्री की कमी आ गई है। बुधवार को जिले में न्यूनतम तापमान जहां 6.5 डिग्री था, वह एक ही दिन में 3.5 डिग्री नीचे गिरकर तीन डिग्री पहुंच गया।
मावठ का असर
इधर पाटन कस्बे में बुधवार को हुई मावठ की वजह से सर्दी बढ़ गई। शाम लगभग 4.30 बजे से शुरू हुई बारिश रुक-रुक कर चलती रही। डाबला इलाके में ओले भी गिरे। बरसात के कारण ठंड बढ़ गई जिस से कस्बे के बाजार जल्दी बंद हो गए। बढ़ी सर्दी के कारण मूंगफली तथा गजक की बिक्री में तेजी आई।
उत्तरी भारत में बर्फबारी का असर
शेखावाटी में मौसम में आए अचानक बदलाव का प्रमुख कारण उत्तरी भारत में हुई बर्फबारी है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते शेखावाटी अंचल में पारे में और गिरावट आएगी। इसके अलावा गुरुवार को भी हल्की बारिश हो सकती है। बरसात से हवा में नमी बढ़ गइ है। इससे ठंडक और बढ़ सकती है।





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