अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. जिले की चार विधानसभाओं में हुए चुनाव में 12368 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोगकर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को नपसंद किया है। इसमें सबसे ज्यादा नाथद्वारा विधानसभा के मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया है, जबकि सबसे कम भीम के मतदाताओं ने। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नोटा विकल्प को नाथद्वारा के 4048, कुंभलगढ़ के 3307, राजसमंद के 3109 तथा भीम के 1904 मतदाताओं ने नोटा को चुनकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
अंत तक जमे रहे समर्थक
चुनावी रूझान में दो सीटें कांग्रेस तथा दो भाजपा के पक्ष में होने के चलते दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता अंतिम पलों तक मैदान में डटे रहे। बाद में जैसे-जैसे प्रत्याशी जीतकर बाहर आते गए समर्थकों ने माला फूल से उनका जमकर स्वागत किया। सबसे पहले भीम विधानसभा का निर्णय आने से कांग्रेस के प्रत्याशी सुदर्शनसिंह बाहर आए, जिनका चौपाटी पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इसबार प्रत्याशियों के समर्थकों को बालकृष्ण स्टेडियम के अंदर प्रवेश नहीं मिला। इससे चुनावी रूझान पाने के लिए समर्थक सुबह 8 बजे से शाम सात बजे तक जेके मोड, के पास रोड पर ही खड़े रहे। जैसे ही चुनावी रूझान आता वैसे ही समर्थकों में उत्साह की लहर आ जाती। लोग प्रभु द्वारकाधीश के जयकारे लगाते तथा प्रत्याशियों के समर्थन में नारे लगाते रहे।
नई व्यवस्था से लेट हुआ चुनाव परिणाम
राजसमंद. इसबार निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक राउंड के प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र जारी करने की नई व्यवस्था की गई थी। इससे चुनाव परिणाम आने में खासी देर लगी। जहां वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के नतीजे २ बजे तक आ गए थे वहीं इसबार शाम सात बजे तक भी पूरे परिणाम सामने नहीं आए।





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