सूरवाल. सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्थाओं एवं छात्रों की सुविधाओं के नाम पर हर साल शिक्षा विभाग से बजट मिलता है, लेकिन कई स्कूलों में स्थिति यह है कि फर्नीचर्स की पर्याप्त सुविधा नहीं है। स्कूलों में कहीं नीचे बैठे छात्र परीक्षा देते नजर आए तो कहीं फर्नीचर पर। जानकारी के अनुसार नीचे बैठे छात्रों को परीक्षा देने के लिए जो फर्श बिछाया गया है, वह भी टेंट हाउस से मंगवाया गया है।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में टीएलएम और एसएफ जी की व्यवस्थाओं के तहत राजस्थान स्कूल परिषद से शिक्षा विभाग को पर्याप्त बजट मिलता है। यहां से जिले के संबंधित स्कूलों के खातों में जमा करवा दिया जाता है, ताकि शिक्षण व्यवस्थाएं और छात्रों को समुचित सुविधाएं मिल सके। बजट एवं इससे प्राप्त होने वाली सुविधाओं की शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा भौंतिक सत्यापन भी किया जाता है, लेकिन स्थिति यह है कि कई स्कूलों में छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर्स की व्यवस्था नहीं है। जहां है वहां भी नाममात्र की व्यवस्था है।
क्षेत्र में स्थित अधिकतर सरकारी स्कूलों में परीक्षार्थी कमरों में अथवा बरामदे में नीचे बैठकर परीक्षा देते नजर आए। करमोदा, सूरवाल, मैनपुरा, पढ़ाना, जड़ावता में स्थित सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए फर्नीचर्स की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि स्कूलों में फर्श की भी व्यवस्था नहीं है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करमोदा में कमरे में नीचे बैठकर परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए टेंट हाउस से फर्श मंगवाकर व्यवस्था की गई है।
सोमवार को दिन भर बादल छाए रहने से परीक्षा कमरों में बिजली की आवश्यकता पड़ रही थी, लेकिन यहां कुछ बल्व खराब होने की वजह से छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल सका। उधर, प्रधानाचार्य शिवदयाल ने स्कूल में पूरी व्यवस्थाएं होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि छात्रों द्वारा बिजली के स्विच बार-बार ऑन ऑफ किए जाने से कमरों के बल्व खराब हो गए हैं। व्यवस्थाएं शीघ्र करवा ली जाएगी।





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