बाड़मेर. रोडवेज बसों की खिड़कियों के टूटे शीशे यात्रियों को शीतलहर से परेशान कर रहे हैं। वहीं फटी सीटों और साफ-सफाई नहीं होने से यात्रा कठिन हो रही है।
बाड़मेर आगार में 44 रोडवेज व 34 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से कई बसें ऐसी है जिनकी सीटे फटी हुई है। तो कई बसों के शीशे टूटे होने के कारण सर्दी के मौसम में ठंडी हवा यात्रियों के लिए परेशानी बन रही है।
ये समस्या स्लीपर बसों में भी है। इन बसों में खिड़कियों का लॉक नहीं लगता है। ऐसे में लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री रात्रि में शीतलहर से परेशान होते रहते हैं।
बसों में नहीं सफाई
बसों के गंतव्य के लिए रवानगी से पहले सफाई नहीं होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जबकि नियम यह है कि बस का पुन: संचालन से पहले इसकी सफाई और धुलाई होना जरूरी है। लेकिन कई बसें बिना सफाई के ही संचालित की जा रही है। यात्री भी मजबूरी में यात्रा करते हैं।
मॉनिटरिंग का अभाव
बाड़मेर आगार में लगी अनुबंधित बसों के रखरखाव का जिम्मा संचालकों का होता है। इसके लिए अनुबंध से पूर्व शर्ते तय की जाती है। इसके बाद पर्याप्त सुविधा नहीं देने पर अनुबंध समाप्त किया जा सकता है। लेकिन मॉनिटरिंग नहीं होने पर बसों की सार संभाल को देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे में बसों में पर्याप्त यात्री सुविधा नहीं मिल रही।
यात्रियों ने कहा...
सीटें फटी
-बस में सीटें फटी होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। दुरुस्त करवानी चाहिए।
रमेश कुमार
बदहाल सफाई
बस की साफ-सफाई नहीं होने के हमें परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रबंधन को ध्यान देना चाहिए।
विनोद कुमार
कल पता करवाएंगे
यात्रियों की इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। अधिकांश बसों में समस्या नहीं है। एक-दो बसों में अगर समस्या है तो कल दिखवाएंगे। यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
यशवंत सिंघारिया, मुख्य प्रबंधक बाड़मेर आगार





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