विधानसभा राजसमंद
अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. सुबह 8.20 बजे। स्थान बालकृष्ण विद्याभवन। आम दिनों में लोगों की सुस्ती नहीं उड़ती, लेकिन मतदान के महापर्व पर बूथों पर कतारें थीं। बाहर दोनों ही दलों समर्थक खड़े थे और सीधे तौर पर अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे थे। ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी बार-बार उन्हें दूर रहने की हिदायत देकर पीछे हटा देते लेकिन नजरें बचाकर फिर वह वहीं आ जाते। अंदर दो बूथ बने थे, एक में 1285 मतदाता तथा दूसरे में 1311 मतदाता थे, दोनों बूथों पर सुबह 8.25 बजे तक 105 वोट पड़ गए थे, और लाइनों में करीब 200 लोग लगे थे, जिसमें महिलाओं की संख्या काफी कम थी। वहीं सुबह 9:30 बजे राउमावि धोइंदा के बाहर तीन पुलिस कमांडो लगे थे, जिससे देखकर ही लग रहा था, बूथ संवदेशनशील है। अंदर भी ऐसा ही मौहाल था, यहां सभी मतदाताओं के मोबाइल स्काउटर लेकर जमा कर रहे थे। कमांडो गहन पूछताछ के बाद ही अंदर जाने दे रहे थे। यहां सुबह 9:30 बजे तक 1348 में से 118 वोट पड़े। इधर कांग्रेस प्रत्याशी नारायणसिंह भाटी के गांव तेजपुरा में 200 से ऊपर महिला पुरूष लाइनों में लगे थे। मतदाता होने के बावजूद मतदान की गति कुछ कमजोर थी, सुबह 11:30 बजे तक 567 में से 149 मतदाताओं ने ही अपने अधिकार का प्रयोग किया था। जबकि वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिए बस की व्यवस्था थी। इस समय यहां बस आई भी, लेकिन बस में दिव्यांगों से ज्यादा, महिला व अन्य मतदाता थे। ऐसे ही मिले जुले असर राज्यवास, भाटोली, अमलोई, केलवा, तासोल आदि स्थानों पर देखने को मिले। करीब-करीब सभी मतदान बूथों पर सुबह के समय ज्यादा मतदान पर जोर दिखा। हालांकि ईवीएम मशीन के धीमे काम करने के कारण हर बूथ पर लम्बी-लब्मी कतारें दिखीं।
इस गांव में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं
महिलाओं की तुलना में पुरुषों का होना आम बात है, लेकिन राजसमंद विधानसभा क्षेत्र का तेजपुरा ऐसा गांव है, जहां महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। निर्वाचन आयोग द्वारा बनाई गई मतदाता सूची के अनुसार इसगांव में कुछ 567 मतदाता हैं। जिसमें पुरुषों की संख्या 277 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 290 है। यहां का मतदान केंद्र राप्रावि तेजपुरा में बना था।
80 वर्ष के वृद्ध को लेकर आए परिजन
निर्वाचन आयोग की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे बूथ देखे गए। जहां वृद्धों व दिव्यांगों को परिजन ही वोट डलवाने के लिए लाए। ऐसा ही एक नजारा सुबह साढ़े 11 बजे एमड़ी के राउमावि में देखने को मिला। यहां वृद्ध खाटूबा के परिजन उन्हें टांगकर ले जाते दिखे। ऐसा ही मिला जुला नजारा राज्यावास, केलवा के बूथों पर भी देखने को मिला।
महिलाओं ने संभाला बूथ
इसबार निर्वाचन आयोग ने जिले के नाथद्वारा विधानसभा और राजसमंद विधानसभा में दो ऐसे बूथ बनाए जहां पर सभी काम महिला कर्मचारियों के जिम्मे था। राजसमंद के नगरपरिषद कार्यालय में बने, इस बूथ पर 6 महिला कर्मचारियों ने जिम्मेदारी संभाली। यहां की पीआर पूनम सोनी ने बताया कि आयोग का यह नवाचार काफी अच्छा लगा। व्यवस्था संभालने में मुश्किलें जरूर आईं, लेकिन अच्छा लगा। यहां दोपहर 1 बजे 923 में से 390 मतदाताओं ने वोट दिए।
आदर्श में रहीं आदर्श व्यवस्थाएं
शहर के गांधी सेवा सदन के बूथ नम्बर 103 को आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया था। इस केंद्र पर बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई गईं, टोकन व्यवस्था होने से मतदान केंद्र के बाहर लाइन नहीं थी। केंद्र को बाहर से शादी समारोह के जैसा सजाया गया था। यहां दोपहर 12:44 बजे तक 1322 में से 456 वोट पड़े।
वोट कर अच्छा लगा
राउमावि एमडी में रीना कुमावत ने पहलीबार वोट किया। रीना ने बताया कि वोट करने के बाद उसे ऐसा लग रहा जैसे कोई दायित्व पूरा हो गया हो। वहीं रेखा, अंकिता, लवलेश आदि ने भी पहलीबार वोट कर लोकतंत्र को मजबूत किया।
खाली कुर्सियां, नहीं थे कार्यकर्ता
राउमावि धोइंदा से करीब 100 मीटर दूर रोड किनारे तीन कुर्सियां पड़ी थीं, जिनमें सफेद चद्दर बिछा हुआ था। कुर्सियों को देखकर लग रहा था, जैसे किसी प्रत्याशी के कार्यकर्ता ने लगाई हों, लेकिन मौके पर कोई कार्यकर्ता था न प्रचार सामग्री।





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