नई दिल्ली। भारत के सबसे पुराने बैंकों की लिस्ट में शामिल तीन सरकारी बैंकों का अस्तित्व नए साल पर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। ऐसे में इन बैंकों में जिन लोगों का खाता है, उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हम बात कर रहे हैं बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक की। दरअसल वित्त मंत्रालय ने इन तीनों बैंकों के विलय को मंजूरी दे दी है। इन तीनों बैंकों का विलय करके एक नया बैंक बनाया जाएगा।
आपको फिरसे खोलना होगा खाता
वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई मंजूरी के बाद आपको बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपका अकाउंट बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक या विजया बैंक में है, तो आपको अपना खाता फिरसे खोलना होगा। खाता खोलने के लिए आपको फिरसे केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इसके बाद आपको नई चेकबुक, एटीएम कार्ड और पासबुक मिलेगी। सिर्फ ग्राहकों के लिए ही नहीं, बल्कि बैंक के लिए भी विलय के बाद परेशानी बढ़ जाएगी। उनका पेपर वर्क काफी बढ़ जाएगा।
क्या होगा आपकी जमा राशि का ?
इन तीनों बैंकों के विलय के बाद जो बैंक अस्तित्व में आएगा, वह एसबीआई (SBI) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI) के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। तीनों बैंकों के ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। देश में जो पांच बड़े बैंक हैं, उनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन बैंकों में एसबीआई में फिलहाल सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है।
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