पाली। सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे बेसहारा लोगों को रात न बितानी पड़े। इसलिए शहर में रामलीला मैदान व रेलवे स्टेशन रोड पर दो रेन बसेरे नगर परिषद की ओर से ठेके पर संचालित किए जा रहे है। बीती रात को पत्रिका टीम ने दोनों रेन बसेरों में व्यवस्था को खंगाला तो स्थिति संतोषजनक मिली। लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी भी थी जिनमें सुधार की जरूरत दिखी।
मसलन, रामलीला मैदान में बने रेन बसेरे में शौचालय गंदगी से अटा मिला। ऐसे में यहां रात बिताने वालों को सुबह निकट के शौचालय में रुपए देकर शौच जाना पड़ता है या निकट ही खुले में शौच जाकर आते है। यहां रुकने वालों के मनोरंजन के लिए लगाया गया एलइडी टीवी पिछले कुछ दिनों से खराब है। सर्दी से बचने के लिए यहां अलाव तापने सहित सीसीटीवी कैमरे लगे नजर आए। केयरटेकर ने बताया कि रोजाना करीब 12-13 बेसहारा लोग यहां रात बिताने आ जाते है। कुछ तो ऐसे है जो पिछले एक-दो माह से नियमित यहां रात बिताने आते है।
अधिकतर मजदूरी करते है ओर आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कमरा किराया लेने की अपेक्षा यहां रात बिताते है। इनको सामान रखने के लिए लॉकर भी दिया जाता है। सर्दी से बचने के लिए अलाव तापने की व्यवस्था भी कर रखी है तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवा रखे है। बीती रात को यहां 13 जने रुके हुए थे। यहां से पत्रिका टीम रेलवे स्टेशन रोड महालक्ष्मी मंदिर के सामने स्थित रेनबसेरे पहुंची। यहां व्यवस्थाएं माकुल नजर आई लेकिन बाथरूम में नल टपक रहा था। इससे वहां पानी ही पानी हो रखा था। जिसमें फिसलकर कोई भी चोटिल हो सकता है। केयरटेकर ने बताया कि ठेकेदार को समस्या को लेकर अवगत करवा चुके है।
दोनों जगह मिली पुरानी रजाइयां
पड़ताल के दौरान दोनों ही रेन बसेरों में रजाइयां पुरानी मिली। जिसमें भरी रूई जगह-जगह से अलग हो रखी थी। ऐसे में इस तरह की सर्द मौसम में भी यहां रात बिताने वालों को सर्दी का अहसास हो रहा था।
जरूरतमंदों को पहुंचा रहे रैन बसेरे में
नगर परिषद की एक टीम इन दिनों शाम ढलने के बाद शहर में घूम रही है। सडक़ किनारे खुले में जो भी रात बिता रहे है उसे रेन बसेरे तक ला रहे है। ताकि, सर्दी के कारण किसी की मौत नहीं हो। - महेन्द्र बोहरा, सभापति नगर परिषद, पाली





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