पाली। सरकारी तंत्र की उदासीनता कहे या फिर अनुदान प्रक्रिया की जटिलता। कारण भले कुछ भी माने, लेकिन हकीकत यह है कि सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन करने वाले 260 जोड़ों का अनुदान अभी भी बकाया चल रहा है। ऐसे में आयोजक समिति के पदाधिकारी विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट परेशान हो रहे है।
बाल विवाह, दहेज प्रथा की रोकथाम एवं बढ़ती हुई महंगाई में कमजोर आय वर्ग के लोगों को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सामूहिक विवाह योजना शुरू की थी। इसके तहत सामूहिक विवाह समारोह में फेरे लेने वाले जोड़े को अनुदान के रूप में 15 हजार व आयोजक समिति को तीन हजार रुपए सरकार की ओर से दिए जाते हैं। लेकिन धीमी सरकारी प्रक्रिया के चलते आज भी 260 जोड़ों का अनुदान अटका हुआ है। 10 से अधिक जोड़ों के विवाह पर अनुदान कोई भी सामाजिक संस्था द्वारा एक ही स्थान पर एक साथ कम से कम 10 जोड़ों का विवाह करवाने पर उन्हें सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान से लाभान्वित किया जाता है। योजना के तहत कम से कम दस व अधिकतम पांच सौ जोड़ों को सामूहिक विवाह योजना के तहत लाभान्वित करवाया जाता है। लाभ लेने के लिए आयोजक संस्था को आयोजन से पन्द्रह दिन पहले आवेदन करना होता है।
जल्द करेंगे भुगतान
सामूहिक विवाह आयोजन करने वाली जिन संस्थाओं का अनुदान बकाया चल रहा है। शेष कार्रवाई पूर्ण कर जल्द ही उन्हें भुगतान किया जाएगा। -भागीरथ चौधरी, कार्यक्रम अधिकारी, महिला अधिकारिता विभाग, पाली
29 छात्रोंं का इंस्पायर अवार्ड के लिए चयन
पाली। जय नगर स्थित वंदे मातरम सीनियर सैकंडरी स्कूल के 29 विद्यार्थियों का उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति के लिए चयन हुआ है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष 80 हजार की राशि पांच वर्ष तक दी जाएगी। विद्यालय संचालक राजेंद्रसिंह भाटी ने बताया कि उच्च माध्यमिक परीक्षा 2018 के विज्ञान वर्ग में टॉप एक प्रतिशत विद्यार्थियों को इंस्पायर छात्रवृत्ति के लिए पात्रता दी गई है, जिसमें जिले में एक ही विद्यालय के सर्वाधिक 29 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन हुआ है।





No comments:
Post a Comment