सीकर। शीतलहर के प्रकोप से फसल को नुकसान की मार झेल रहे किसानों के सामने अब नई समस्या खड़ा हो गई। फसल को नष्ट होने की समस्या से किसान उभरे भी नहीं है कि आने वाली फसल की चिंता सताने लगी है। जिले में कई स्थानों पर खाद की कमी सामने आ रही है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बावड़ी. खंडेला तहसील तहत कई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में यूरिया की पूर्ति कम होने से किसानों में रोष है। ग्राम सेवा सहकारी समिति मलिकपुर के व्यवस्थापक फतेहचन्द शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह २९० कट्टे यूरिया के आए लेकिन दो घंटे में ही खत्म हो गए। क्षेत्र सिंचित क्षेत्र होने के कारण एक हजार यूरिया कट्टों की आवश्यकता है। बावड़ी सिंचित भूमि होने के कारण क्षेत्र के किसानों को दो हजार यूरिया खाद के कट्टों की जरूरत हैं। इधर ग्राम पंचायत ठीकरिया की ग्राम सेवा सहकारी समिति पोखर मल रूलानियां ने बताया कि १५ दिसम्बर के बाद से यूरिया खाद के कट्टे उपलब्ध नहीं हैं। ठीकरिया में दो हजार यूरिया के कट्टों की आवश्यकता हैं। इधर किसानों ने पत्रिका टीम को बताया कि बावड़ी, मलिकपुर, ठीकरिया सहित अन्य गांवों में यूरिया की भारी किल्लत है। यूरिया उपलब्ध नहीं होने से क्षेत्र में गेहंू, सरसों, चना सहित अन्य फसलों का बढ़ावा कम हो रहा है।
खाटूश्यामजी. सहकारी समिति खाटू में यूरिया वितरण होने से किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। मंगलवार सुबह से ही यूरिया लेने के लिए सहकारी समिति में किसानों की लंबी कतारें लग गई। सुरक्षा व शांति को लेकर समिति में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। गौरतलब है कि कई दिनों से यूरिया नहीं मिलने से क्षेत्र के किसानो में सहकारी समिति व सरकार के भारी आक्रोश व्याप्त था। राजस्थान पत्रिका में 23 दिसंबर को खबर प्रकाशित होने के बाद सरकार व प्रशासन चेता। जिसके बाद सहकारी समिति में दो ट्रक यूरिया के भिजवाए।





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