साक्षात्कार : हेमाराम चौधरी, विधायक, गुड़ामालानी
मंत्री बनाना मुख्यमंत्री के हाथ, कन्या महाविद्यालय की करेंगे बात : हेमाराम
बाड़मेर ञ्च पत्रिका . जिले के नव निर्वाचित विधायकों में गुड़ामालानी के हेमाराम चौधरी का नाम इन दिनों प्रदेश के मंत्रिमण्डल के संभावितों में सबसे ज्यादा चर्चा में है। वे 2008 की गहलोत सरकार में राजस्व मंत्री रह चुके हैं। चौधरी ने गुरुवार को राजस्थान पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर खुलकर चर्चा की।
क्त विधायक बनने के बाद आपके मंत्री बनने के सर्वाधिक चर्चा है, आप क्या कहते हैं?
जवाब : यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। इस पर अभी कुछ भी नहीं कह पाऊंगा। पूर्व में राजस्व मंत्री रहा हूं और उस वक्त जिम्मेदारी पूर्वक कार्य किया है।
क्त आप राजस्व मंत्री रहे हैं, जिले के बड़ा मुद्दा बालोतरा को जिला बनाना है, इस पर क्या कहेंगे?
जवाब : बालोतरा को जिला बनाने की बात 2008 में भी थी। प्रदेश में 2008 के कार्यकाल में सर्वाधिक उपखण्ड, तहसील और गांव बनाए गए। राजस्व का प्रशासनिक तंत्र मजबूत किया गया। इस बार बालोतरा को जिला बनाने की बात है तो विधायक के तौर पर पैरवी है। मंत्रिमण्डल गठन के बाद पता चलेगा।
क्त नर्मदा नहर से सिंचाई के पानी और नहर विस्तार को लेकर आपका क्या कहना है?
जवाब : गुड़ामालानी की बड़ी समस्या पेयजल की है। इसके लिए 2008 में दो योजनाएं बनी थीं। एक पर काम चल रहा था दूसरी भी प्रगति पर थी लेकिन भाजपा सरकार आने से दोनों योजनाओं पर काम नहीं हुआ। पेयजल की गंभीर समस्या का हल किया जाएगा। इन दोनों योजनाओं पर प्राथमिकता से काम होगा। सिंचाई के लिए फिलहाल कोई योजना नहीं है लेकिन इस पर भी विचार किया जाएगा।
क्त गुड़ामालानी में शिक्षा का स्तर काफी बढ़ा है, क्या गुड़ामालानी में कन्या महाविद्यालय खुलवाएंगे?
जवाब : गुड़ामालानी के बाद धोरीमन्ना में कॉलेज की मांग प्राथमिकता में है। इसके अलावा कन्या महाविद्यालय की बात भी की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में हरसंभव विकास के प्रयास होंगे।
क्त गुड़ामालानी में प्राकृतिक गैस के भण्डार हैे, जिन पर काम नहीं हो रहा है। केन्द्र में फाइल अटकी है इस पर किस तरह काम होगा?
जवाब : सरकार रिफाइनरी का काम प्राथमिकता से करवाएगी। तेल क्षेत्र में स्थानीय को रोजगार की पैरवी करेंगे और प्राकृतिक गैस के भण्डार की फाइल केन्द्र में अटकी है तो इस पर भी पैरवी कर काम होगा।
क्त अन्य क्या मुद्दे रहेंगे जिन पर प्राथमिकता से काम करेंगे?
जवाब : सरकार ने किसानों की कर्जमाफी कर दी है। अकाल राहत प्रबंधन पहली प्राथमिकता है। कृषि आदान अनुदान को लेकर समस्याओं का निराकरण होगा। चिकित्सा व शिक्षा को लेकर काम किया जाएगा। बिजली के कनेक्शन का कार्य भाजपा सरकार में मंथर हो गया था। अब हर घर में बिजली पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता से होगा।





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