सवाईमाधोपुर. विधानसभा चुनाव में मतदान सात दिसम्बर को शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ। इसमें सुरक्षाबलों का बड़ा योगदान रहा। वर्तमान में साहूनगर के राउमावि संग्रहण केन्द्र में ईवीएम की सुरक्षा के लिए भी इण्डियन तिब्ब्त बॉर्डर पुलिस(आईटीबीपी)की एक हॉफ कंपनी दिन रात कड़ा पहरा दे रही है। यह कंपनी पिछले कई माह से देश के कई राज्यों में चुनाव ड्यूटी दे रही है। साहूनगर में आईटीबीपी के 30 जवान ईवीएम सुरक्षा में तैनात है।
30 नवम्बर को आए
आईटीबीपी के जवान गत तीन माह से अपने घरों से दूर हैं। आईटीबीपी की जोधपुर की 42 बटालियन इक्वायर कंपनी के जवान अक्टूबर में असाम में नॉन रजिस्टरर्ड सिटीजन(एनअरसी) ड्यूटी दे रहे थे। इसके बाद 19 नवम्बर तक छत्तीसगढ़ के नारायणपुर व बिलासपुर में चुनाव ड्यूटी दी। इसके बाद 19 नवम्बर को भिण्ड पहुंचे और फिर 30 नवम्बर को सवाईमाधोपुर आए।
छत्तीसगढ़ में थी सबसे बड़ी चुनौती
जवानों ने बताया कि उन्होंने कई राज्यों में चुनावों में ड्यूटी दी है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती छत्तीसगढ़ चुनावों में थी। एरिया में नक्सलवाद की गतिविधियां होने के कारण लोग मतदान से कतरा रहे थे। जंगल का इलाका होने के कारण वाहन भी नहीं थे। तीस- तीस किमी तक पैदल ही पेट्रोलिंग की। एक गांव में लोग मतदान से कतरा रहे थे तो एक दिन पूर्व ही जवानों ने गांव में डेरा डाला और शांतिपूर्ण मतदान कराया।
बूंदी में तैनात है एक और टीम
आईटीबीपी की जोधपुर की 42 बटालियन इक्वायर की 45 जवानों की हॉफ कंपनी वर्तमान में बूंदी जिले में ईवीएम सुरक्षा में तैनात है।
किसान भवन में रुके
जिला प्रशासन की ओर से आईटीबीपी के जवानों के ठहरने के प्रबंध कृषि उपज मण्डी स्थित किसान भवन में की गई है। जिला प्रशासन की ओर से जवानों के भोजन आदि के प्रबंध किए गए हैं।
जवान बोले यह ड्यूटी का हिस्सा
ईवीएम सुरक्षा में तैनात जम्मू के तिलकराज, कर्नाटक के दामाप्पा वानयूरी, झारखण्ड के दुलार पासवान, उत्तर प्रदेश के श्रीभागवत आदि जवानों ने बताया कि चुनाव सुरक्षा उनकी ड्यूटी का हिस्सा है। हर बार चुनावों में उन्हें अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाता है। जवानों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की ओर से बेहतर प्रबंध किए गए हैं।





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