पोकरण. पंचायत समिति सांकड़ा के विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी रामदेवरा को चुनाव कार्यों में लापरवाही करने व बिना सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर निलम्बित करते हुए मुख्यालय पंचायत समिति सांकड़ा कार्यालय में करने के आदेश जारी किए है। विकास अधिकारी नारायण सुथार ने एक आदेश जारी करते हुए बताया कि ग्राम विकास अधिकारी रामदेवरा इच्छालाल माली की ओर से चुनाव कार्यों में लापरवाही बरतने पर उन्हें निलम्बित किया गया है। उन्होंने आदेश में बताया कि ग्राम विकास अधिकारी को बार-बार कहने के बावजूद तथा कई बार लिखित, व्हाट्सअप और मोबाइल पर दिए गए आदेशों के बावजूद उनकी ओर से निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि 28 नवम्बर को निर्वाचन से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक की ओर से ग्राम पंचायत रामदेवरा में निरीक्षण किया गया तथा बूथ संख्या 71, 72 व 73 पर दिव्यांगों के लिए रैम्प सुविधा समुचित नहीं पाई गई, जबकि ग्राम पंचायत रामदेवरा में कुष्ठ रोगियों व दिव्यांगों की अधिकता है। ऐसे में एक भी दिव्यांग मतदान से वंचित रहता है, तो निर्वाचन विभाग की ओर से निर्देशित अधिकारी व कार्मिक को ही जिम्मेवार माना जाता है। पर्यवेक्षक की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी जिला कलक्टर व निर्वाचन अधिकारी उपखण्ड अधिकारी पोकरण को भी पत्र लिखा गया। जब ग्राम विकास अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण चाहा गया, तो उन्होंने बताया कि वे जिला जैसलमेर से बाहर है। जबकि जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के लिखित आदेश के अनुसार कोई भी अधिकारी व कर्मचारी बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
चुनाव संबंधी कार्यो का दिया प्रशिक्षण
जैसलमेर. विधानसभा चुनाव 2018 के लिए नियुक्त मतदान अधिकारी द्वितीय एवं तृतीय का प्रथम प्रशिक्षण डाइट में आयोजित हुआ, जिसमें दक्ष प्रशिक्षकों ने उनको विधानसभा चुनाव से संबंधित कार्यो एवं उनके कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण प्रभारी एवं उप निदेशक सांख्यिकी डॉ.बृजलाल मीणा के साथ ही दक्ष प्रशिक्षक मनोहरलाल देवपाल तथा जीवनसिंह भाटी ने पॉवर पॉइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से द्वितीय मतदान अधिकारियों के कर्तव्यों की जानकारी दी। द्वितीय मतदान अधिकारी अमिट स्वाही का भारसाधक होगा तथा जैसे ही मतदाता मतदान अधिकारी के पास आएगा तो वह उसके बांए हाथ ही तर्जनी का निरीक्षण करेगा कि इस पर कोई अमिट स्याही का चिह्न तो नहीं है, उसके बाद वह मतदाता की बायीं तर्जनी के नाखून एवं चमड़ी के (रिज) युग्म पर अमिट स्वाही का निशान लगाएगा। इसके साथ ही अन्य कार्यो की जानकारी दी।





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