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अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में फिर आई नरमी, ये है बड़ा कारण

नई दिल्ली। अमरीका में कच्चे तेल के साप्ताहिक आंकड़े आने से पहले गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फिर कच्चे तेल के भाव में नरमी आई। इससे पहले बुधवार को प्रमुख विदेशी वायदा बाजारों में तेल के दाम में आठ फीसदी से ज्यादा का उछाल आया, जिसके कारण भारतीय वायदा बाजार में अब तक कच्चे तेल के सौदों में तेजी एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त बनी हुई है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल के सबसे ज्यादा सक्रिय सौदों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। पूर्वाह्न् 11.38 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल के जनवरी एक्सपायरी अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 38 रुपये यानी 1.18 फीसदी की बढ़त के साथ 3,252 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।


बुधवार को उछला था ब्रेंट क्रुड का वायदा बाजार

वहीं, विदेशी वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर ब्रेंट क्रूड का मार्च डिलीवरी अनुबंध पिछले सत्र के मुकाबले 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 54.62 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। इससे पहले बुधवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 55.58 डॉलर प्रति बैरल तक उछला और कारोबार के दौरान 9.35 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वहीं, न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज यानी नायमैक्स पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई का फरवरी डिलीवरी सौदा 1.22 फीसदी की गिरावट के साथ 46.04 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। डब्ल्यूटीआई में बुधवार को 7.95 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कारोबार के दौरान भाव 46.99 डॉलर प्रति बैरल तक उछला।


इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में आर्इ नरमी

एंजेल ब्रोकिंग हाउस के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अनुज गुप्ता ने कहा कि पिछले सत्र में कच्चे तेल के दाम में आई जोरदार तेजी अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में भारी कमी आने की संभावना की एक रिपोर्ट के कारण आई थी। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों के आंकड़े आने के पहले ही तेजी पर ब्रेक लग गया। उन्होंने कहा कि बीते सत्र की तेजी को ओपेक देशों द्वारा तेल के उत्पादन में और कटौती करने के लिए बैठक करने की रिपोर्ट और शेयर बाजारों आई जबरदस्त रिकवरी से भी सपोर्ट मिला।

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