सवाईमाधोपुर. बाघों की नगरी के नाम से मशहूर रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में पार्क भ्रमण के नियमों में लगातार हो रहे बदलाव पर्यटकों व पर्यटन व्यवसायियों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। मौजूदा पर्यटन सत्र की शुरुआत से ही रणथम्भौर में आए दिन नए नियम बनाए जा रहे हैं। ऐसे में पार्क भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों व पर्यटन व्यवसायियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नियमों की कशमकश के चलते अब पर्यटक रणथम्भौर आने से कतराने लगे हैं।
तत्काल कोटा भी बढ़ा रहा दुविधा
इस सत्र से ही वन विभाग की ओर से रणथम्भौर में कैंटरों में तत्काल बुकिंग शुरू की गई थी। इसके लिए एक सीट पर टिकट पर पांच सौ रुपए अतिरिक्त शुल्क वसूल किया जा रहा है। ऐसे में एक कैंटर पर कुल दस हजार रुपए अतिरिक्त वसूल किए जा रहे हैं। लेकिन अब तक पर्यटकों को तत्काल बुकिंग की रसीद नहीं दी जा रही है। ऐसे में पर्यटक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
घटने लगी पर्यटकों की संख्या
रणथम्भौर में लगातार हो रहे बदलाव व पार्क भ्रमण पर नहीं जा पाने के कई मामले सामने आने के बाद अब रणथम्भौर में पर्यटकों की संख्या में भी गिरावट आती जा रही है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अक्टूबर से दिसम्बर तक करीब तीन माह में गत वर्ष की तुलना में करीब पांच हजार पर्यटक कम आए हैं। आगामी दिनों में इस संख्या में और इजाफा होने के आसार हैं। वहीं कई पर्यटकों ने पूर्व में अपनी बुकिंग कैंसिल भी कराई है और पर्यटक अब एमपी की ओर रुख कर रहे हैं।
बीच सत्र में बदलाव तोड़ रहे पर्यटन की कमर
वर्तमान में रणथम्भौर में पर्यटन का पीक सीजन चल रहा है। क्रिसमस व नए साल की छुट्टियां नजदीक होने के कारण इस समय रणथम्भौर में पर्यटकों की बम्बर आवक है। लेकिन नियमोंं की पेचिदगी के चलते कई पर्यटक पार्क भ्रमण पर नहीं जा रहे हैं ऐसे में पर्यटकों में निराशा है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की माने तो बीच सत्र में लगातार किए जा रहे बदलाव रणथम्भौर में पर्यटन पर विपरीत असर डाल रहे हैं।
यूं चला बदलावों का दौर...
सितम्बर माह में डीओआईटी के सॉफ्टवेयर से की जाने लगी करंट बुकिंग इसके बाद ई मित्र से करंट बुकिंग कराने की कवायद अक्टूबर में बहारी जोनों में भी वाहनों की संख्या की निर्धारित अब करंट बुकिंग को खत्म कर ऑनलाइन करने की कवायद।
पर्यटकों की आवक पर भी पड़ रहा है असर यूं बढ़ा रणथम्भौर में आय का ग्राफ वर्ष आय
2015 14 करोड़
2016 16 करोड़
2017 20 करोड़
2018 34 करोड़
यह है अन्य पार्कों की गत वर्ष की आय पार्क आय
बांधवगढ़ 3.8 करोड़
तोबाड़ा 5.0 करोड़
पेंच 4.0 करोड़
एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार ही वाहनों की संख्या निर्धारित की गई है। गाइडलाइन के अनुसार एक पारी में 140 वाहनों से अधिक नहीें भेजे जा सकते हैं। पूर्व में पर्यटकों को थोड़ी परेशानी आई थी अब ऑनलाइन सिस्टम से पर्यटकों को राहत मिलेगी।
ंअजीत सक्सेना, उपवन संरक्षक(पर्यटन)रणथम्भौर, सवाईमाधोपुर।





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