बालोतरा. चुनावों में प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। वोटर्स को बुलाने के लिए पार्टियों व प्रत्याशियों ने आना-जाना और खाना मुफ्त की सुविधा भी की है। इसके अलावा रास्ते में भी खातिरदारी का प्रबंध है। वहीं इसके अलावा कई प्रवासी जो चुनावों का चस्का लेने के शौकीन है वे भी गप्पों की हथाइयों पर आ गए है। इधर मतदान जागरुकता वालों के भी आने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
चुनाव चाहे वार्ड पंच, सरपंच या प्रधान के हों, इसकी घोषणा के समाचार सुनकर लोगों में उत्सुकता पैदा हो जाती है। इस पर विधानसभा चुनाव होने पर लोगों में उत्सुकता परवान पर होती है। प्रदेश में चुनाव हो तो पड़ौसी राज्यों व अन्य देशों में काम करने वाले लोग भी इससे अछूते नहीं रहते हैं। चुनाव व इसकी चर्चाओं का आनंद लेने के लिए वे भी गांव दौड़े आते हैं। प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार भी बड़ी संख्या में अप्रवासी घर लौटे हैं। चुनाव व इसकी चर्चाओं का आनंद उठा रहे प्रवासी चुनाव घोषणा के बाद वापिस काम पर लौटेंगे।
व्यू- चुनाव का शब्द सुनने से मन में उत्सुकता पैदा होती है। विधानसभा के बड़े चुनाव होने पर उत्सुकता बहुत अधिक बढ़ जाती है। इस पर विदेश से लौटा हूं। चुनाव का भरपूर आनंद उठा रहा हूं। -किशनलाल जांगिड़, ओमान
दीपावली पर घर लौटने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा पर इसे निरस्त किया। एक सप्ताह भर पहले गांव पहुंचा हूं। पूरा दिन चुनावी चर्चाओं में बीतता है। परिणाम घोषणा के बाद वापिस काम पर लौटूंगा। - थानाराम पटेल, शिमोगा कर्नाटक
शुरूआत से ही चुनावी चर्चाओं का शौक है। इस पर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मैं विदेश से घर लौटा हूं। चुनावी चर्चाओं में पूरा दिन कब बीत जाता है, पता ही नहीं चलता है। इससे बहुत शकुन मिलता है। - विजय कुमार, मस्कट





No comments:
Post a Comment