परिजनों ने डॉक्टरों को दिखाने से किया इनकार
आखिरकार चिकित्सक पहुंचे स्कूल
छोटीसादड़ी(प्रतापगढ़) क्षेत्र के ढावटा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक इन दिनों बच्चों को लेकर अजीबोगरीब परेशानी में हैं। स्कूल के कुछ बच्चों में धूजणी आती है और वे विचित्र हरकतें करने लगते हैं। शिक्षकों ने परिजनों को डॉक्टर के पास ले जाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। ग्रामीणों की मानें तो बच्चों को ‘देवता’ आ रहे हैं। ऐसा पिछले दस दिन से हो रहा था। शिक्षा विभाग अधिकारी, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी विद्यलय पहुंचे। जहां बच्चों की स्थिति देखी। उनमें मनोविकार की स्थिति पाई गई। इस बीमारी के उपचार कराने की सलाह दी। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उनका कहना है कि यह ऊपरी हवा का असर है, इसे अपने स्तर पर ही सही कराएंगे।
यहां ढावटा के राउप्रावि में कक्षा 5 से 6 में अध्यनरत विद्यार्थियों में से कुछ विद्यार्थी गत दस दिनों से कंपकपाने व हिचकियां लेने और तेजी से सांस छोडऩे व हाथों को बंद कर हरकत करने लगे। विद्यालय के प्रधानाचार्य हेमराज मीणा ने पहले ही दिन ग्रामीणों व विचित्र हरकतें करने वाले बच्चों के माता-पिता को स्कूल बुलाया और चिकित्सक से इलाज करवाने को कहा। बच्चों की विचित्र हरकतों का सिलसिला दूसरे दिन बढऩे लगा। इस पर प्रधानाचार्य ने मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी महेंद्र कुमार गुप्ता व उपखण्ड अधिकारी को सूचना दी। वे भी विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों को अंधविश्वास से दूर रहने और इलाज कराने के लिए प्रेरित किया, लेकिन विचित्र हरकतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्कूल में स्थिति पर नजर रखने व अन्य बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, जिसके लिए अतिरिक्त शिक्षक लगाए गए। स्कूल प्रधानाचार्य ने बच्चों का किसी बड़े अस्पताल में उपचार कराने के लिए एम्बुलेंस बुलाई और प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों को चलने को बोला, लेकिन परिजनों ने कहा कि किसी ने टोना टोटका किया है। इसका उपचार हम अपने स्तर पर ही करवाएंगे।
चिकित्सक ने कहा- ये मनोविकार अन्य को देखकर हुआ है
इस बीच स्थिति और अधिक बढ़ती देख गुरुवार को धोलापानी प्राथमिक चिकित्सालय से चिकित्सक जगदीप खराड़ी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने स्कूल में बच्चों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और प्रभावित बच्चों से उनके व्यवहार में आए बदलाव के बारे में पूछताछ की। उन्होंने प्रभावित बच्चों को दवा दी और अलग-अलग बैठाने को कहा। उसी दौरान वहां ब्लॉक शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ साथ नायब तहसीलदार गोपाललाल मेघवाल व पुलिस अधिकारी भी ढावटा पहुंचे। चिकित्सकों ने कहा कि बच्चों ने किसी देवरे या स्थान पर किसी को ऐसा करते देखा होगा। जिसके चलते बच्चों में यह मनोविकार उत्पन्न हुआ है। एक दूसरे को देखकर वे ऐसा व्यवहार करने लगे है। इनका उपचार बच्चों के मनोविज्ञान चिकित्सक द्वारा चिकित्सालय में कराने पर ठीक हो जाता है।
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दस दिन से चल रही हैसमस्या
गत 10 दिन से यह समस्या चल रही है। इसका हमनें चिकित्सकीय उपचार कराना चाहा। लेकिन ग्रामीण सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों ने कल तक अपने स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का समय मांगा है।
हेमराज मीणा
प्रधानाचार्य, राउप्रावि ढावटा
ये मनोविकार है
यह एक मनोरोग है। हम इलाज के लिए बच्चों को छोटीसादड़ी चिकित्सालय लाने लगे। लेकिन ग्रामीण व परिजन तैयार नहीं हुए।
डॉ. जगदीप खराड़ी
चिकित्सक, धोलापानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र





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