सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर में व्यवसायी रिंकू उर्फ माऊ बियाणी के घर के बाहर 29 सितम्बर को बरसी गोलियों ने अपराधिक गिरोह की लूट और वसूली की नई कहानी का खुलासा किया है। मामा खुड़ी ने इससे पहले फोन कर रिंकू बियाणी से 25 लाख रुपए मांगे। नहीं देने पर बोलेरो जीप लेकर पांचों अपराधी हथियार लेकर सुबह छह बजे ही उसके घर पहुंच गए। वहां जाकर आवाज लगाई। जैसे ही खिडक़ी खोली तो तीनों अपराधियों ने दनादन फायर करना शुरू कर दिया। वारदात के दौरान महेश गाड़ी
चला रहा था और राजेन्द्र निगरानी कर रहा था। इस वारदात में खास बात यह रही कि कुलदीप
झाझड़ और इसके साथियों का नाम इसी वर्ष नेछवा इलाके में हुई लूट में भी सामने आया है। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद जमानत पर आया कुलदीप का नाम पहले भी लूट के कई मामलों में सामने आया है। पुलिस ने अभी तक व्यवसायी के घर के बाहर फायर करने वाले अपराधियों को हथियार देने वाले गिरोह के नाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन शक है कि फायर में काम ली गई 12 बोर बंदूक व पिस्टल अजय रिणवां गिरोह ने उपलब्ध करवाए थे। दूसरी पिस्टल कुलदीप झाझड़ को सुभाष बराल ने उपलब्ध करवाई थी। वर्तमान में सुभाष बराल और अजय रिणवां जेल में हैं। ऐसे में पुलिस यह पता करने में जुटी है कि दोनों गिरोह मिलकर तो वसूली के काम में नहीं लगे हैं। जयपुर में हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान कुलदीप झाझड़ पुलिस को देखकर भाग गया।
यूं पकड़े गए तीन अपराधी
पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित ताजसर निवासी राजेन्द्र उर्फ गांधी, खूड़ी निवासी रणवीर उर्फ मामा और जालेऊ निवासी महेश जाट है। इनमें से रणवीर और महेश को जयपुर पुलिस विशेष टीम ने गिरफ्तार किया है, जबकि राजेन्द्र उर्फ गांधी को फतेहपुर के मंडावा पुलिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर वारदात में उपयोग ली गई जीप जब्त की है। पुलिस ने रणवीर के पास से 12 बोर बंदूक, 16 जिंदा कारतूस, महेश के पास से एक पिस्टल व तीन कारतूस, राजेन्द्र उर्फ गांधी के पास से एक पिस्टल व रिवाल्वर तथा दोनों के छह कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस राहुल रिणऊ व कुलदीप झाझड़ की पुलिस तलाश कर रही है।
बराल और रिणवां गिरोह पर शक
शेखावाटी में अपराधिक गैंगवार से जुड़े अपराधियों का वसूली खेल पुराना है। इस मामले में खास बात यह है कि अपराधियों को वसूली के पैसे देने वाले ने कभी मुंह नहीं खोला। अपराधियों से पूछताछ में ही इसका खुलासा होता है। इस मामले में व्यवसायी से बड़ी रकम 25 लाख रुपए मांगे गए। पैसे नहीं देने पर घर के बाहर बेखौफ होकर गोलियां दागी गई। इससे साफ जाहिर है कि इन अपराधियों ने इससे पहले भी वसूली की है। लेकिन अभी तक एक भी दूसरा पीडि़त पुलिस के पास नहीं आया है। फतेहपुर कोतवाल राजीव राहड़ का कहना है कि इस संबंध में अपराधियों से पूछताछ जारी है।





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