राजलदेसर. गांव बीनादेसर के एक युवक की बैंगलूरु में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक परमेश्वर राव पुत्र मुन्नीराम राव बैंगलूरु के नागरभावी में स्थित फर्म प्रिंस मार्केटिंग में नौकरी करता था। फर्म के मालिक शुक्रवार दोपहर परमेश्वर का शव एम्बूंलेंस में लेकर आए और गांव की सीमा पर एम्बूंलेंस छोड़कर चले गए। इसके बाद से फर्म मालिकों का कोई पता नहीं चला है। परमेश्वर जिस फर्म में नौकरी करता था उसका मालिक बीकानेर निवासी भुवनेश्वर ओझा व बीनादेसर निवासी महेश सारस्वत बताए गए हैं। बीनादेसर के ही रतनलाल शर्मा, कैलाश शर्मा व राजू शर्मा बैंगलूरु में ही अन्य किसी फर्म में नौकरी करते हैं। वे बैंगलूरु से शव के साथ बीनादेसर आए। उन्होंने बताया कि परमेश्वर पर उक्त फर्म मालिकों ने पांच-सात दिन पूर्व डेढ़ लाख रुपए की चोरी के आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट की थी। उन युवकों का कहना है कि गुरुवार को फर्म मालिकों ने उन्हें सूचना दी कि परमेश्वर ने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली है। बैंगलूरु के अन्न पूर्णेश्वरी पुलिस थाने में मरग दर्ज करवाकर शव का पोस्मार्टम करवाया है। प्लेन से शव को लेकर गांव बीनादेसर जा रहे हंै। जिस पर तीनों युवक भी प्लेन से उनके साथ जयपुर आ गए। जयपुर से निजी एम्बूलेंस किराए कर शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे बीनादेसर गांव की सीमा पर पहुंचे जहां से उन्होंने परमेश्वर के परिजनों व ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना पर मृतक के बड़े भाई जितेंद्र व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब फर्म मालिक भुवनेश्वर ओझा व महेश सारस्वत ने परमेश्वर की मौत के बारे में जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि इससे पहले मौत के सबंध में फर्म मालिकों ने कोई इत्तला नही दी थी। फर्म मालिक मौके पर आए मनोंज, तुलछीराम, भवानीसिंह आदि ग्रामीणों को मौत के एवज में १० लाख रुपए देने की बात कह कर रुपए लाने बीकानेर चले गए। शनिवार शाम तक रुपए लेकर न लौटने से परेशान परिजनों ने राजलदेसर पुलिस थाना को संबंधित जानकारी दी। सूचना के बाद मौके पर डीएसपी नारायणदान, एसएचओ मलकीयतसिंह व तहसीलदार गोकुलदान आए। उन्होंने बताया कि शव एम्बूंलेंस में ही रखा है। परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया है। मृतक के भाई जितेन्द्र ने फर्म मालिकों पर परमेश्वर की हत्या करके फांसी पर लटकाने के आरोप लगाए हैं।





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