जैसलमेर. वर्ष 2018 को अलविदा कहने तथा नए साल 2019 का स्वागत करने के लिए आगामी 31 दिसम्बर को करीब 18 हजार देशी-विदेशी सैलानी 31 दिसम्बर को जैसलमेर की धरा पर होंगे। उनके जश्न को खास बनाने के लिए तमाम पर्यटन व्यवसायी जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हैं। जैसलमेर की होटलों के अलावा सम और खुहड़ी के रिसोट्र्स ही नहीं बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों तक में ठहराव के ठिकानों पर करीब 8 हजार कमरों में सैलानियों को रुकवाया जाएगा। उनकी जैसलमेर यात्रा को यादगार बनाने के लिए सेवा में करीब 8 हजार लोग हाजिर रहेंगे। इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत से ज्यादा सैलानी न्यू इयर सेलिब्रेशन के लिए पीत पत्थरों से गढ़े गए जैसलमेर शहर में पहुंच रहे हैं। इस एक दिन में यहां 25 करोड़ रुपए का व्यवसाय होने की उम्मीद है। सैलानियों के उफान से पर्यटन व्यवसायियों के अलावा अन्य कई काम-धंधे भी चमक रहे हैं।
हजारों कमरे फिर भी रहेंगे कम
-जैसलमेर और आसपास के ग्रामीण क्ष् ोत्रों को मिलाकर करीब 300 छोटी-बड़ी होटलें, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं हैं, जिनमें 5 हजार कमरें उपलब्ध हैं।
-सम और खुहड़ी के रिसोट्र्स को मिलाकर 3 हजार टेंट्स और हट्स सैलानियों के ठहराव के लिए तैयार हैं।
-इतनी ठहराव व्यवस्था भी कम पडऩे की पूरी संभावना है। तभी सैलानियों को कई बार शहर के सामुदायिक भवनों ही नहीं अपने वाहनों तक सर्द रात काटनी पड़ती है।
-पर्यटन व्यवसायी अनुमान लगा रहे हैं कि वर्ष के अंतिम दिन जैसलमेर और सम-खुहड़ी में 18 हजार सैलानी होंगे।
-8 हजार कामगारों के अलावा करीब 1000 वाहन होंगे। उनका मनोरंजन 500 से ज्यादा स्थानीय व बाहरी कलाकार करेंगे।
चहुंओर रोशनी का उजास
सैलानियों के लिए सभी होटलों और रिसोट्र्स में रंग-बिरंगी रोशनियों के नजारे झिलमिला रहे हैं। जहां बड़ी होटलें क्रिसमस पर्व से ही सज-धज कर तैयार हो चुकी हैं, वहीं सम-खुहड़ी के रिसोट्र्स भी चमका दिए गए हैं। वैसे यहां अंतिम दो दिन जमकर रोशनियां की जाएंगी। पर्यटन व्यवसायी विविध व्यवस्थाएं करने में जुटे हैं। उनका कहना है कि, जब सैलानी खुले हाथ से खर्च करते हैं तो उन्हें भी बदले में दिल खोलकर पैसा लगाकर व्यवस्था करना आवश्यक है। जिससे उनका न्यू इयर सेलिब्रेशन खास बन जाए और वे इस अनुभव को हमेशा संजोकर रखें।
सैलानियों की भारी आवक
हर बार की भांति नए साल के मौके पर जैसलमेर में रिकॉर्ड सैलानी उमड़ रहे हैं। जब से स्कूलों में शीतकालीन अवकाश शुरू हुए हैं, देश के विभिन्न प्रांतों और राजस्थान के अन्य शहरों से पर्यटक अपने परिवारजनों तथा दोस्तों के साथ स्वर्णनगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर पहुंचने लगे। एक अनुमान के अनुसार दिसम्बर माह में पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत ज्यादा पर्यटन जैसलमेर आएंगे। आमतौर पर क्रिसमस के बाद के तीन दिन सैलानी कम रहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
फैक्ट फाइल -
- 1980 के दशक से जैसलमेर में पर्यटन ने जड़ें जमाई
- 2000 से देशी सैलानियों की हर वर्ष हो रही बढ़ोतरी
-6 लाख से ज्यादा पर्यटक आए स्वर्णनगरी भ्रमण को आए थे गत वर्ष





No comments:
Post a Comment