खण्डार. कस्बे में रविवार को यूरिया नहीं मिलने पर किसानों ने हंगामा किया। किसान अर्जुन बैरवा, सीताराम जाट, सेतू चौधरी, धर्मराज बैरवा आदि ने बताया कि उपखण्ड क्षेत्र में यूरिया की किल्लत के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैै। किसान यूरिया खाद के लिए व्यापारियों व सहकारी समितियों के बाहर चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिम्मेदार दिल्ली में, किसान सड़कों पर
पूर्व संसदीय सचिव जितेन्द्र गोठवाल ने बताया कि जनता ने कांग्रेस की सरकार बनाई, लेकिन जिम्मेदार लोग मंत्रिमण्डल बनाने के लिए दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं। किसान सड़कों पर यूरिया के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा मण्डल मंत्री गोपाल जांगिड़ ने बताया कि उपखण्ड मुख्यालय पर किसानों की समस्या को सुनने के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं मिलते है। इस कारण से व्यापारी अपनी मनमानी करते है।
खाद नहीं मिलने से नष्ट हो रही फसल
किसानों ने बताया कि यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों की फसल नष्ट हो रही है। इस कारण से किसान आर्थिक तंगी से परेशान हो रहे हैं। गेहूं की फसल खेत में ही पिली पड़ रही है। चने की फसल कीट लगना शुरू हो गया है। किसानों की समस्या पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
किसानों ने यूरिया खाद के लिए हंगामा किया। किसान हंगामा करते हुए तहसील परिसर पहुंचे। तहसील परिसर पर करीब 1 घंटे तक हंगामा किया। सहायक कर्मचारी द्वारा तहसीलदार को अवगत करवाने के बाद थानाधिकारी रोहित चावला मौके पर पहुंचे और किसानों की बात सुनकर व्यापारियों को मौके पर बुलाकर यूरिया खाद देने से मना किया। थानाधिकारी ने बताया कि कस्बे में एक ही खाद की गाड़ी आई है। इसमें लगभग 200 कट्टे ही उपलब्ध हो सकते थे। मौके पर करीब एक हजार किसान मौजूद होने से स्थिति बिगडऩे की संभावना थी। ऐसे में सोमवार को आने वाली गाड़ी के साथ एक समय पर एक साथ पुलिस की मौजूदगी में यूरिया खाद का वितरण करवाया।
व्यापारी ने बढ़ाई दोगुनी राशि
किसानों ने बताया कि कस्बे के व्यापारी यूरिया खाद के दोगुने दाम ले रहे हैं। इससे किसानों पर आर्थिक भार बढ़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि यूरिया खाद कीमत की बाजार में 270 रुपए है, लेकिन व्यापारी किसानों को 520 रुपए तक के दाम ले रहे हैं।
व्यापारियों ने कर दी दुकानें बंद
हंगामे के कारण कस्बे के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी। किसानों ने बताया कि व्यापारी मनमाने तरीके से यूरिया के दाम ले रहे थे। इस कारण से किसानों ने हंगामा किया तो व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी।
लाइसेंस रद्द करवाने की मांग
किसानों नें बताया कि जो व्यापारी किसानों से मनमाने तरीके से यूरिया खाद की बाजार कीमत से अधिक कीमत वसूल कर रहा था। ऐसे व्यापारियों के लाइसेंस रद्द होने चाहिए।
तहसील कार्यालय से पटवारी एवं गिरदावर की सूचना पर पुलिस जाप्ते ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रण में किया। कस्बे व्यापारी पर किसानों ने मनमानी करने के आरोप लगाए हैं।
रोहित चावला, थानाधिकारी खण्डार





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