Breaking News
recent

अलवर में यूरिया की भारी किल्लत, अन्नदाता अधिक पैसे देने को मजबूर, आ रही यह परेशानी

अलवर. जिले में किसानों को इन दिनों यूरिया खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है। सिंचाई के साथ खाद देने के लिए अन्नदाता महंगे दामों पर यूरिया खरीदने को मजबूर है। यूरिया की कमी के चजते खाद व बीज विके्रता महंगे भाव में यूरिया बेच रहे हैं। अलवर जिले में इन दिनों सरसों और गेहूं की फसल पक गई है। किसान अपनी फसल की उपज अधिक पाने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं, ऐसे मेें सबसे अधिक आवश्यकता यूरिया की है। ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्रों में भी यूरिया की निर्धारित कीमत से अधिक राशि में बेचा जा रहा है। यूरिया के एक कट्टे की सरकारी कीमत 266 रुपए है अलवर में यूरिया का एक कट्टा 370 रुपए की कीमत तक बिक रहा है। किसान मजबूरन अधिक कीमत में यूरिया खरीद रहे हैं। वहीं किसानों का कहना है कि वे यूरिया के लिए सुबह से लाइन में लगते हैं, लेकिन जब उनका नंबर आता है तब तक यूरिया खत्म हो जाता है।

अलवर जिले में किसानों की मांग के अनुसार नवम्बर माह में 11 हजार 500 टन यूरिया की आवश्यकता थी जो मिल गया। दिसम्बर माह में अलवर जिले को 6 हजार टन की आवश्यकता थी जिसमें से मात्र 3 हजार ही मिला है।

अलवर कृषि उपनिदेशक पीसी मीणा का कहना है कि अलवर जिले में 7 हजार टन यूरिया जल्दी आ जाएगा तो इसकी किल्लत दूर हो जाएगी। यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक की राशि पर यूरिया बचे रहा है तो इसकी शिकायत किसान को तत्काल कृषि विभाग को करनी चाहिए जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

यूरिया की किल्त को लेकर अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यूरिया की कमी दूर करने की मांग की है। कांग्रेस के जिला महासचिव नरेन्द्र मीणा के अनुसार किसान खाद के लिए अधिक मूल्य देकर खरीद रहा है जिससे उन पर आर्थिक दवाब बढ़ गया है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.