झुंझुनूं।
राजस्थान के झुंझुनू जिले के घोड़ीवारा बालाजी की सीढियों पर रविवार देर रात मिली मासूम नवजात के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। नर्सिंग स्टाफ व चिकित्सक हर पल उसका ध्यान रख रहे हैं। उसे वार्मर पर रखा जा रहा है। सांस लेने में दिक्कत होने के कारण उसे अभी ऑक्सीजन पर रखा गया है। वहीं खास बात यह है कि कोई उसे गोद लेने आ रहा है तो अनेक महिलाएं उसकी मां बनकर दूध पिलाने आ रही है। अब तक करीब 90 से अधिक परिवार उसे गोद लेने की मंशा जता चुके। अभी ऑक्सीजन लगी होने के कारण उसे दूध पिलाना शुरू नहीं किया है। अस्पताल के कर्मचारियों ने नवजात को एंजल नाम भी दे दिया है।
हर संभव मदद करेंगे
पुलिस उपाधीक्षक ममता सारस्वत बच्ची से मिलने पहुंची। उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उसे देखते ही सारस्वत के मुंह से निकला 'वॉव कितनी क्यूट है'। कोई इसे कैसे फेंक सकता है। इसे पूरे झुंझुनूं की बेटी बनाया जाएगा। हर संभव मदद की जाएगी।
यहां दें सूचना
मासूम के परिजनों की सूचना देने वाले को जिला कलक्टर ने 25 हजार रुपए देने की घोषणा कर रखी है। इसके लिए कोई भी व्यक्ति महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक निदेशक विप्लव न्योला के मोबाइल 9414541593 पर सम्पर्क कर सकता है। न्योला ने बताया कि करीब अस्सी से ज्यादा परिवार इस बच्ची को गोद लेने की मंशा जता चुके। इसके अलावा करीब दस परिवार अस्पताल पहुंच चुके।
पत्रिका की खबर के बाद पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
तीन दिन से पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी। जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी भी किसी की ओर से लिखित शिकायत करने का इंतजार कर रहे थे। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 26 दिसम्बर के अंक में 'पुलिस ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट, खंगालेगी कैमरे' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर हकीकत बताई थी।
थानाप्रभारी रामस्वरूप बराला ने बताया कि घोड़ीवारा बालाजी मंदिर में कार्यरत चौकीदार गांव घोड़ीवारा कलां निवासी जगदीश सिंह की रिपोर्ट पर नवजात को लावारिश हालत में छोडऩे के आरोप में अज्ञात के खिलाफ भादसं की धारा 315 व 317 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी एएसआई ललिता ने बताया कि घटना के बाद मंदिर के मुख्य द्वार व मंदिर के पिछवाड़े में लगे सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य कैमरों के फुटेज देखे है। लेकिन अंधेरे के चलते उनमें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।





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