गंगापुरसिटी . देश और प्रदेश की राजनीति में सभी दलों के लिए किसान अहम है। इसके चलते प्रत्येक दल किसानों के हित की बात करता है। इसके मद्देनजर किसानों की उपज के भण्डारण के लिए राज्य सरकार की ओर से राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम (आरएसडब्ल्यूसी) बनाया गया है।
निगम की ओर से यहां उपखंड मुख्यालय पर पर्याप्त गोदाम स्थापित किए हुए हैं। रियायती दर पर भण्डारण की सुविधा के बाद भी किसान अपनी उपज को गोदाम में रखने के प्रति विमुख है। इसी का नमूना है कि इन गोदामों में वर्तमान में सरकारी और व्यापारियों की उपज का ही भण्डारण है।
उपखंड मुख्यालय पर छह गोदाम
निगम की ओर से उपखंड मुख्यालय पर छह गोदाम बने हुए हैं। इनमें तीन गोदाम शहर में विद्युत निगम कार्यालय के समीप और तीन गोदाम रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। इन गोदामों की भण्डारण क्षमता 10250 मैट्रिक टन है। गोदामों में अलग-अलग भण्डारण क्षमता है। फिलहाल एक गोदाम में कार्य भी संचालित है।
यह है किराया
निगम सूत्रों के अनुसार गोदाम में भण्डारण के लिए अलग-अलग जिंसों के अनुसार किराया निर्धारित है। सरकारी व व्यापारियों के चना व उड़द के लिए 8 रुपए 20 पैसे प्रति क्विंटल प्रति माह का किराया निर्धारित है। इसके अलावा प्रति सौ रुपए पर 5 पैसा बीमा का भी लिया जाता है। इसके अलावा गेंहू, बाजरा, ज्वार, ग्वार आदि के लिए प्रति 50 किलो पर 6 रुपए 15 पैसे किराया लिया जाता है।
किसानों को मिलती है रियायत
राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के गोदाम में उपज का भण्डारण करने पर किसानों को राज्य सरकार की ओर से किराए में रियायत प्रदान की जाती है। इसके बाद भी किसान निगम के गोदाम में भण्डारण के प्रति रूचि नहीं दिखाते हैं। अधिकांश किसान पैदावार होने के साथ ही उपज को बेच देते है अथवा व्यापारियों के यहां रखवा देते हैं। वहीं किसानों के लिए निर्धारित किराए में 60 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है। सरकार के उपक्रम नैफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर की जाने वाली उड़द की खरीद के लिए गोदाम में रिजर्वेशन कराया हुआ है। इसके लिए नैफेड की ओर से निगम को पैसा भी जमा कराया जा चुका है। हालांकि अभी नैफेड की ओर से उपज का आना शेष है।
एक नजर में वेयर
हाउस गोदाम
06 गोदाम है स्थापित
03 शहर में है स्थित
03 गोदाम है रीको क्षेत्र में
10250 एमटी है भण्डारण क्षमता
60 प्रतिशत छूट मिलती है किसानों को किराए में
- सरकारी गोदाम में भण्डारण में किसान रूचि नहीं लेते हैं। किसानों को भण्डारण करने पर किराए पर रियायत भी दी जाती है। किसान से सरकार व व्यापारी से कम किराया लिया जाता है।
रामशंकर शर्मा, प्रबंधक, वेयर हाउस निगम गंगापुरसिटी





No comments:
Post a Comment