सवाईमाधोपुर . रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से मंगलवार को एक बाघिन को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए भेज दिया गया। देर शाम वन विभाग ने टी-39 की बेटी को रणथम्भौर के जोन नम्बर एक स्थित सुल्तानपुर इलाके में ट्रंकोलाइज किया। शाम करीब सात बजे बाद उसे कैंटर से मुकुंदरा के लिए रवाना किया गया। कैंटर में बाघिन को एक पिंजरे में रखा गया। बाघिन के रात करीब 12 बजे मुकुंदरा पहुंचने का अनुमान है। मुकुंदरा में बाघिन के लिए करीब 26 हैक्टेयर क्षेत्र का इनक्लोजर बनाया गया है। इसमें बाघिन पर नजर रखी जाएगी।
बाघिन का नाम टी-106
वनाधिकारियों ने बताया कि बाघिन का विभागीय रिकॉर्ड में टी-106 नाम दिया हुआ है। उसकी उम्र करीब 23 महीने की बताई। रणथम्भौर की बाघिन टी-39 के दूसरे प्रसव के दौरान तीन बाघिन शावक हुई थी। इनमें से टी-106 एक है।
एक बाघ पहले से किया जा चुका शिफ्ट
रणथम्भौर से एक बाघ को अप्रेल 2018 को पहले ही मुकुंदरा शिफ्ट किया जा चुका है। उस समय बाघ टी-91 रणथम्भौर से निकलकर रामगढ़ इलाके में पहुंच गया था। वहां उसने टरेट्री भी बना ली थी। उस इलाके में एक मात्र ये ही बाघ था। ऐसे में वन विभाग ने उसे ट्रंकोलाइज करके मुकुंदरा शिफ्ट कर दिया था।
कुनबा बढ़ाने के लिए दो बाघिनें भेजने की योजना
मुकुंदरा में पहले चरण में दो बाघिनों को भेजने की योजना है। इसके तहत एक बाघिन को मंगलवार को भेज दिया गया है। वनाधिकारियों का कहना है कि दूसरी बाघिन को भी जल्द ही मुकुंदरा भेजा जाएगा।
बाघिन मछली से भी है रिश्ता
दूसरे बाघ रिजर्व को आबाद करने का बाघिन मछली का क्रम अब भी जारी है। पहले सरिस्का को मछली की फैमेली के बाघ-बाघिनों ने आबाद किया और मुकुंदरा को भी बसाने का काम मछली के ही कुनबे के बाघ-बाघिन कर रहे हैं। मुकुंदरा शिफ्ट की बाघिन टी 106 का रिश्ता मशहूर बाघिन मछली से भी है। बाघिन टी 13 मछली की बहन है। जबकि टी 39 टी 13 की बेटी है। ऐसे ही टी 39 की बेटी टी 106 है।
इनका कहना है...
रणथम्भौर से बाघिन टी-106 को देर शाम ट्रंकोलाइज करके मुकुंदरा के लिए रवाना कर दिया गया। जल्द ही दूसरी बाघिन को शिफ्ट किया जाएगा।
मुकेश सैनी, उप वन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना





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