राजसमंद. शिशोदा पंचायत के दसाणों की भागल में बाल विवाह की शिकायत करने वाले एक परिवार को पौने तीन लाख के अर्थदंड से दंडित करने व समाज से बहिष्कृत करने का एलान कर दिया। जातीय खाप पंचायत के तुगलकी फरमान पर खमनोर पुलिस ने 15 पंचों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार दसाणों की भागल निवासी नरेंद्रसिंह पुत्र गोपालसिंह राजपूत ने गांव के पंच लक्ष्मणसिंह, धनसिंह, शंकरसिंह, मोहनसिंह, मोहनसिंह, गुलाबसिंह, माधुसिंह, नाथूसिंह, शिवसिंह, रूपसिंह, भंवरसिंह, शंकरसिंह, किशनसिंह, देवीसिंह, भीमसिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दी। आरोप है कि अप्रेल 2018 में बाल विवाह की शिकायत प्रशासन को की। नवरात्र के दौरान जातीय पंचायत की बैठक बुलाई, जिसमें उसे समाज से बहिष्कृत करने और 2 लाख 6 0 हजार का अर्थदंड लगा दिया। पंचों ने ऐलान करवा दिया कि कोई भी व्यक्ति अगर नरेन्द्रसिंह से बोलेगा, कोई व्यवहार रखेगा, मदद करेगा तो उसे भी समाज से बहिष्कृत करते हुए अर्थदंड से दंडित किया जाएगा। इसके बाद पीडि़त नरेन्द्रसिंह ने खमनोर थाने में शिकायत दर्ज कराई, मगर सुनवाई नहीं हुई। फिर 25 अक्टूबर को एसपी को परिवाद देने के बावजूद थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया। 14 नवंबर को पंचों ने शराब पीकर जान से मारने की साजिश रची, मगर पीडि़त ने भाग कर जान बचाई। मजबूर पीडि़त ने 15 नवंबर को आईजी रेंज उदयपुर को परिवाद पेश किया, तब खमनोर थाना पुलिस ने 24 नवंबर को एफआईआर दर्ज की।
आरोप है कि पंचों द्वारा उसे डराया, धमकाया व प्रताडि़त किया जा रहा है।





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