गंगापुरसिटी . आर्य समाज भगवती नगर के तत्वावधान में चल रहे यजुर्वेद पारायण महायज्ञ में दूसरे दिन आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य के जीवन का उद्देश्य पूर्णानंद की प्राप्ति है। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तीव्र इच्छा शक्ति, अनुकुल साधन, पुरुषार्थ एवं सही विधि का होना आवश्यक है।
आचार्य ने वेद की महिमा बताते हुए कहा कि वेद के माध्यम से मानव जाति का कल्याण संभव है। यह समाज को धर्म, जाति एवं राष्ट्र में न बांटकर समस्त मानव जाति के कल्याण की बात करता है। उन्होंंने कहा कि वेदों को लेखन ऋषियों के गहन अनुसंधान के परिणाम हैं। इसके एक मंत्र पर पीएचडी की जा सकती है। वेद केवल धर्म ग्रन्थ ही नहीं है, बल्कि अर्थशास्त्र, मानवशास्त्र, गृहविज्ञान, राजनीति विज्ञान, गणित, विज्ञान एवं मैंनेजमेंट के कोर्स से कहीं अधिक अध्ययन सामग्री का समावेश वेदों में प्रमाणिक रूप से मिलता है।
प्रचार मंत्री ओमप्रकाश ऑफ सेट ने बताया कि गुरुकुल की ब्रह्मचारिणियों ने वेद की रचनाओं का सस्वर पाठ किया। ब्रह्मचार्य सरस्वती ने यजमानों की उपस्थिति में यज्ञ कराया। गुरुकुल ब्रह्मचारिणियों ने भजन ‘हे प्रभु तेरी शरण में हम सदा आते रहें’ की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
उन्होंने बताया कि प्रथम पारी में भगवान सहाय , दिनेश, सुरेशचन्द, मोहनलाल, धर्मवीर सिंघल, अनिल गर्ग एवं द्वितीय पारी में गंगाप्रसाद एडवोकेट, सूरजमल सेकेट्री, लड्डूराम ठेकेदार, महेन्द्र कुमार गिरदावर, शिखर चन्द जैन यजमान रहे। इस मौके पर पं. मदनमोहन आर्य, जगमोहन अतेवा, रामदयाल डांस, मंत्री राजेश आर्य, रमेश, संयोजक ओमप्रकाश, मिथलेश गुप्ता, उषा आर्या, सुधा गुप्ता, अनीता डांस, ममता गुप्त, अर्चना एवं आर्यवीर दल के अभिषेक, मोहित, कुंजबिहारी व शुभम आर्य समेत कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।





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