हरिसिंह गुर्जर
झालावाड़.झालावाड़ मेडिकल कॉलेज इन दिनों राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों के मार्गदशन में कॉलेज से पीजी एमडी रेजीडेंट डॉक्टर अलग-अलग सेमीनार में गतिविधियों में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। रेजीडेंटस ने बताया कि यह काम उनके गुरूजनों के मार्गदर्शन से ही संभव हुआ है। कॉलेज के रेजीडेंट गोल्ड व सिल्वर मेडल व नकद राशि भी पुरस्कार के तौर पर प्राप्त कर रहे हैं। राजस्थान के अन्य मेडिकल कॉलेज से आगे बढ़कर हाड़ौती का यह कॉलेज भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
प्रशांत को मिला गोल्ड मेडल-
हाल ही में 22-23 दिसम्बर को अजमेर में आयोजित एक सेमीनार में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रशांत बेनीवाल ने अपने गाइड डॉ.सुभाष जैन के निर्देशन में पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता है। बेनीवाल ने'प्रोग्रोस्टिक सिगनिफिकेंस ऑफ हाइोनेट्रिमियाइन पेशेन्ट्स ऑफ क्रोनिक लीवर डिजीज: ए प्रेसपेक्टिव स्टडीÓ पर अपना पोस्टर प्रजेंडेशन दिया था। इसी तरह से डॉ. दीपक गुप्ता विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग के मार्गदर्शन में कोटा में 8-9 दिसम्बर को आयोजित जेरीकान सेमीनार में पेपर प्रजेंटेशन में द्वितीय वर्ष के डॉ.शुभम शर्मा ने दूसरा स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल प्राप्त किया है। शर्मा ने अपना पेपर प्रजेन्टेशन 'डेसक्रियटिन स्टडी ऑफ हाइपोनेट्रिमिया इन एल्डरली: ए हॉस्पिटल बेस्ट स्टडीÓ विषय पर दिया था। इसी तरह से 22 -25 नवम्बर को अहमदाबर में आयोजित आरएसएसडीआई में सेमीनार में डायबीटीज क्विज में डॉ. आलोक आर्य, डॉ.शुभम शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
कम समय में अच्छा प्रदर्शन-
डॉ. सुभाष जैन व डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट ने कम समय में अच्छा प्रदर्शन किया हैं। यहां के कई एबीबीएस छात्रों ने वार्षिक परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। शर्मा, आर्य व बेनीवाल ने अपनी फसलता का श्रेय अपने गुरूजनों को देते हुए बताया कि उनके मागदर्शन से ही यह सफलता हांसिल हुई है, आगे भी वह ऐसे प्रयास अन्य सेमीनारों में जारी रखेंगे।
दो लोगों को दुष्कर्म के मामले में दस साल का कठोर कारावास
झालावाड़ विशिष्ट न्यायालय एससी,एसटी व पोक्सो कोर्ट झालावाड़ ने गुरूवार को एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दस वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। लोक अभियोजक धीरज आचार्य ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में आरोपी रिंकू उर्फ रिंकू लाल व रामविलास मीणा निवासी बिलोनिया अकलेरा को विशेष न्यायाधीश अनीश दाधीच ने पोस्को एक्ट में सजा सुनाई। आचार्य ने बताया कि परियादी पक्ष की ओर से दी रिपोर्ट में बताया था कि बालिका एक स्कूल में पढऩे गई थी इसी दौरान आधार कार्ड में जन्मतिथि सही कराने गई थी इसी दौरान आरोपी उसे बहलाफुसला कर एकांत में ले जाकर दुष्कर्म किया। इस सबंध में बकानी थाने में अपहरण सहित कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। गुरुवार को न्यायालय में पेश किया से जहां दोनों को दस वर्ष की सजा सुनाई गई।





No comments:
Post a Comment