जैसलमेर. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल बुनकर ने विभागीय अधिकारियों को जिले में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं व कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए कहा है। उन्होंने महत्वपूर्ण योजनाओं मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना, जीवन वाहिनी एकीकृत एम्बुलैंष योजना, जननी सुरक्षा योजना का बेहतरीन ढंग से संचालन कर इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यरत समस्त विभागीय कार्मिको को चिकित्सा संस्थानों में डे्रस कोड में समय पर उपस्थित होने, आइडी कार्ड लगाकर रखने तथा बायोमेट्रिक उपस्थित आवश्यक रूप से दर्ज करवाना सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने माह नवम्बर 2018 तक विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कम उपलब्धि अर्जित करने वाले पांच चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया। डॉ. बुनकर ने चिकित्सा अधिकारियों को एनीमिया से ग्रसित महिलाओं को समुचित उपचार व परामर्श प्रदान करने के निर्देश दिए तथा जिले में पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधिकारियों को मातृ व शिशु मृत्यु की रिपोर्ट तथा समस्त विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की रिपोर्ट जिला स्तर पर समय पर प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। डॉ. बुनकर ने 27 दिसम्बर 2018 को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में आषाओं के रिक्त पदों पर पात्र आशाओं का चयन करवाने के भी निर्देश दिए।
‘संसार में आध्यात्मिकता में ही है सुख व शांति’
-क्षत्रिय युवक संघ के माध्यमिक प्रशिक्षण शिविर
जैसलमेर. जिले के देगराय मंदिर में संचालित क्षत्रिय युवक संघ के माध्यमिक प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन बुधवार के विज्ञान और आध्यात्मिकता पर मार्गदर्शन दिया गया। बौद्धिक कार्यक्रम के दौरान में शिविर संचालक वरिष्ठ स्वंयसेवक देवीसिंह माडपुरा ने कहा कि शास्त्रों में भी उल्लेख किया गया है कि भाग्यवानों को ही मनुष्य का जीवन मिलता हैं। क्षत्रिय कुल में मिले जन्म को सद्कार्य में लगाने की जरूरत है। आवश्यकता है खुद की क्षमता को जाना जाए। उन्होंने कहा कि संसार में यदि सुख व शांति की खोज में हैं तो वह आध्यात्मिकता से ही संभव है। विज्ञान के सहारे आज के युग ने बहुत उन्नति की है, उसने हर क्षेत्र में अपने आयाम स्थापित जरूर किए हैं, जिसे हम नकार नहीं सकते। चर्चा के परिचय का कार्यक्रम रतन सिंह बडोड़ा गांव की ओर से लिया गया। उन्होंने कहा कि एक आदर्श जीवन किस प्रकार से जीया जाता हैं, उसी का यहां सात दिन अभ्यास होगा। इसके साथ ही सहगीत पर चर्चा का कार्यक्रम हुआ, जिसमें शिविरार्थियों ने अपने विचारों को रखा। सुरेन्द्र सिंह पोछीना द्वारा सामूहिक यज्ञ करवाया गया। हिन्दूसिंह म्याजलार ने बताया कि माध्यमिक प्रशिक्षण शिविर में समाज के 150 युवा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आए हैं। वे यहां साथ रहकर सामूहिकता से प्रात:कालीन जागरण से लेकर संघ के अलग अलग कार्यक्रमों द्वारा संघ के विचारों को समझकर उसे अपने जीवन में ढालने का अभ्यास करेंगे। शिविर में वरिष्ठ स्वंयसेवक चंदनसिंह म्याजलार, पदमसिंह रामगढ़, नरपतसिंह राजगढ़, स्वरूपसिंह दवाड़ा आदि शिक्षकों के सहयोग से संचालन किया जा रहा हैं।





No comments:
Post a Comment