जयपुर. सत्ता से दूर होने के बाद भाजपा ने विपक्ष के रूप में पहला प्रदर्शन बुधवार को कलक्ट्रेट सर्किल पर किया। रफाल मामले में कांग्रेस के आरोप केखिलाफ भाजपा नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे कार्यकर्ताओं में इतना जोश भर गया कि गेट पर चढ़कर अंदर जाने की होड़ लग गई। पुलिसकर्मियों को उन्हें खींचकर हटाना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों को गेट की तरफ धकेल दिया।
धक्का-मुक्की होता देख अन्य पुलिसकर्मी भी आ गए और कार्यकर्ताओं को पकड़ते हुए हटाते रहे। दोनों के बीच कहासुनी भी हुई और फिर झड़प के हालात पनपे। बड़े नेता आगे आए और पुलिस का सहयोग करने के लिए अपील करते रहे लेकिन युवा कार्यकर्ता अनसुना करते गए। करीब आधे घंटे तक यही स्थिति चलती रही। इस बी चराहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान लम्बा जाम लग गया और एक एम्बुलेंस भी फंस गई। इसकी किसी को सुध तक नहीं रही।
ये विधायक,पूर्व विधायक
विधायक कालीचरण सराफ, अशोक लाहोटी, रामलाल शर्मा, उपमहापौर के अलावा पूर्व विधायक अशोक परनामी, अरुण चतुर्वेदी, सुरेन्द्र पारीक भी साथ रहे। भाजपा शहर अध्यक्ष संजय जैन, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, मीडिया संपर्क प्रमुख आनंद शर्मा व पदाधिकारी भी शामिल हुए। इनमें से ही ज्यादातर नेता कलक्टर को ज्ञापन देने गए। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सभी पीछे खड़े नजर आए।
जनता और मरीज दोनों जाम में फंसे
प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक जाम हो गया। झोटवाड़ा रोड, दूध मण्डी की तरफ से आ रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। बाद में पुलिसकर्मियों के साथ कुछ कार्यकर्ताओं ने उसे निकाला। इस बीच चारों तरफ रास्तों पर जाम के हालात बन गए। प्रदर्शन खत्म हो गया लेकिन वाहन चालक कई घंटे तक रेंगते हुए गुजरते रहे।





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