तीन दिवसीय शिविर में 161 दिव्यांग लाभान्वित
सहायता से बढ़कर कोई कार्य नहीं
जरूरतमंदों को किए
कंबल वितरित
बाड़मेर . नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंद की सेवा करना पुण्य कार्य है। जो व्यक्ति दिव्यांग हैं, उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र आदि सहायक उपकरण उपलब्ध करवाकर आत्मनिर्भर बनाना संपूर्ण समाज को आगे बढ़ाने का कार्य है।
सहायक उपकरण मिलने से आत्मनिर्भर दिव्यांग अब खुद को ज्यादा खुश महसूस करेंगे। वह दूसरों पर निर्भर नहीं रहते और अपने काम खुद करने में सक्षक होंगे। ऐसे शिविरों के माध्यम से उन्हें हिम्मत, आत्मबल और संतुष्टि मिलती है। यह विचार माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश मूथा ने तीन दिवसीय नि:शुल्क विकलांग सहायता शिविर के समापन पर व्यक्त किए। शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, महावीर इंटरनेशनल जोधपुर व राठी रणछोड़ धर्मशाला के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
इस अवसर पर सचिव दाउलाल मूंदड़ा ने कहा कि परोपकार से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। भगवान महावीर विकलंांग सहायता समिति व राठी रणछोड़ धर्मशाला ट्रस्ट ने नि:शक्तजनों के लिए नि:शुल्क उपकरण मुहैया करवाकर अच्छा कार्य किया है। ट्रस्टी श्यामलाल राठी व पुरुषोत्तम राठी ने कहा कि महज दिव्यांगों को नि:शुल्क उपकरण वितरण करना ट्रस्ट का मकसद नहीं है। नि:शक्तजन को शिविर के माध्यम से परामर्श देकर खुद को बेहतर व आत्मनिर्भर बनाना है। ट्रस्टी हनुमान राठी, रामेश्वर राठी, अशोक राठी, मोहन राठी, चंदनमल चंडक, रमेश मूथा ने भी विचार व्यक्त किए।
सहायक उपकरण वितरित : राठी रणछोड़ धर्मशाला ट्रस्ट के धर्मेन्द्र राठी ने बताया कि तीन दिवसीय शिविर के समापन पर दूरदराज इलाके से आए 161 दिव्यांगों को 20 ट्राइसाइकिल, 65 श्रवण यंत्र, बैशाखी, 20 कैलीपर, 10 व्हीलचेयर, 21 कृत्रिम पैर व एक कृत्रिम हाथ व वॉकर आदि उपकरण प्रदान किए गए। इस अवसर पर ऑल इंडिया कौमी एकता कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष छगनलाल जाटव, हारूण भाई कोटवाल, इनायत भाई नोहड़ी, अयोध्या देवी, भावना राठी, महेन्द्र कुमार राठी, कैशव राठी, मनोहर मूथा, ओम मूथा, अंकित जैन आदि उपस्थित थे। संचालन अबरार मोहम्मद ने किया।





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