सीकर. पाले की मार के साथ यूरिया की किल्लत इन दिनों किसानों के लिए बड़ी परेशान बन गई है। किसान रोज जीएसएस पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें यूरिया नहीं मिल रहा है। ऐसे में उन्हें बार बार चक्कर लगाने की परेशानी के साथ फसल खराबे की चिंता भी सताने लगी है।
श्रीमाधोपुर. उपखण्ड के किसानो को तीन दिन से यूरिया नहीं मिल रहा जिससे यूरिया लेने वाले किसान परेशान हो रहे हैं। मऊ निवासी बनवारी लाल ने बताया कि तीन दिन से यूरिया के लिए चक्कर काट रहा हूं। रोज कल की बात कह कर टरका देते हैं। यही बात बाबूलाल पारीक पृथ्वीपुरा ने कही। उनका कहना है कि सर्दी में यूरिया से फसलों का बचाव होता है, वहीं फसल बढ़ती भी करती है। किसान गिरधारीलाल अरणियां, हरफूल सिंह बस्सी भी यूरिया के लिए भटकते नजर आए। क्रय-विक्रय सहकारी समिति के सेल्समैन छोटूराम का कहना है कि यूरिया की गाड़ी लगा रखी है भुगतान भी अग्रीम जमा करा रखे है। सोमवार तक गाड़ी आने की संभावना है।
खाटूश्यामजी. इन दिन फसलों को जीवनदान देने वाली यूरिया खाद की किल्लत बनी हुई है। इसके चलते खाटूश्यामजी क्षेत्र के किसानों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। इलाकों में किसान तेज सर्दी के बावजूद अलसुबह ही निजी खाद विक्रेताओं तथा सहकारी समितियों पर आस लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें खाद नहीं होने की बात कह कर खाली हाथ लौटाया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कृषि विभाग खाद की किल्लत दूर नहीं कर पा रहा है जिससे किसानों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भागना पड़ रहा है। वर्तमान में सरसों, गेहूं, जौ, चना व मैथी की फसल का समय चल रहा है। सिंचाई के साथ ही फसलों में खाद डाला जाता है। शनिवार को खाटूश्यामजी, अलोदा, मंढा, लाडपुर आदि गांवो की सहकारी समितियों के बाहर सुबह से ही अन्नदाता खड़े होकर खाद आने का इंतजार कर रहे थे। किसान सुंडाराम, शिवपाल, अजय शर्मा, अर्जुन धायल, रामनाथ नेहरा आदि किसानों ने बताया कि कई दिनों से खाद नहीं मिल पा रहा है। वे पिछले पांच दिन से सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं। खाटू सहकारी समिति व्यवस्थापक मालीराम निठारवाल व मंढा व्यवस्थापक मूलचंद महला ने बताया कि उक्त समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। शीघ्र ही इसका समाधान कर दिया जाएगा।
कांवट. कस्बे में शनिवार को यूरिया खाद की गाड़ी आते ही खाद लेने के लिए मारामारी मच गई। शनिवार को बस स्टैंड स्थित एक निजी डीलर की दुकान पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों का जमावड़ा लगा रहा। सुबह नौ बजे निजी डीलर के पास खाद की गाड़ी आने की सूचना मिली वैसे ही किसान दुकान की ओर दौड़ पड़े। थोड़ी देर में ही दुकान के बाहर किसानों की भीड़ जुट गई। खाद लेने के लिए दुकान के बाहर सडक़ पर ही किसान लाइन लगाकर खड़े हो गए। सडक़ पर लगी लम्बी लाइन के चलते दिनभर वाहनों का जाम लगता रहा। दुकान के बाहर खाद लेने वालों की भीड़ इतनी बढ़ गई की खाद लेने की होड़ में किसानों के बीच कई बार धक्कामुक्की भी हुई। कई घंटो तक लाइन में खड़ा रहकर इंतजार के बाद बड़ी मुश्किल से खाद की बारी आई। लेकिन दिनभर लाइन में खड़ा रहने के बाद भी जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल पाया। यूरिया खाद लेने के लिए सुबह से शाम तक दुकान के बाहर किसानों की भीड़ लगी रही।
इस दौरान करीब सात घंटे में ही एक हजार से अधिक खाद के बैग उठ गए। किसानों ने बताया कि गेहंू, सरसों, जौ व मैथी की फसल में यदि समय से खाद नहीं दिया गया तो उत्पादन प्रभावित होगा।
उन्होंने बताया कि रात के समय फसल की सिंचाई करते है और दिन के समय खाद के लिए दुकानों के चक्कर लगाते हैं, फिर भी किसानों को खाद नहीं मिलने से उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। किसानों ने
बताया कि यूरिया की कालाबाजारी भी बढ़ गई है।
जो किसानों के लिए चिंता का विषय बनने लगी है। कालाबाजारी के चलते दुकानदार किसानों से सरकारी दर से अधिक कीमत वसूला जा रहा है।





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