नई दिल्ली। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक बयान को लेकर मचा घमासान कभी राष्ट्रीय तो कभी अंतरराष्ट्रीय सियासत की वजह बनकर सामने आ रहा है। पहले पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने शाह के बयान को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा हमें पाकिस्तान में ये बात साबित करनी है कि यहां सभी अल्पसंख्यकों को बराबरी का हक मिले। इस बयान पर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है। उन्होंने कहा कि क्या अब पाकिस्तान जैसा आतंकी-भिखारी देश हिंदुस्तान को बताएगा कि माइनॉरिटी के साथ कैसे बर्ताव किया जाता है?
भिखारी देश बताएगा कैसे बर्ताव करना है हमें: गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह ने अपने ट्विटर पर लिखा है कि आजादी के बाद पाकिस्तान में हिंदू 23 फीसदी से घट के 2 फीसदी हो गए और हिंदुस्तान में मुसलमान 8 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी हो गए। अब पाकिस्तान जैसा आतंकी और भिखारी देश हिंदुस्तान को बताएगा कि माइनॉरिटी (अल्पसंख्यकों) के साथ कैसे बर्ताव किया जाता है? यहां हर कोई अपनी मर्जी के हिसाब से फला फूला।
आज़ादी के बाद पाकिस्तान में हिंदू 23% से घट के 2% हो गए और हिंदुस्तान में मुसलमान 8% से बढ़कर 20% हो गए ....अब पाकिस्तान जैसा आतंकी भिखारी देश हिंदुस्तान को बताएगा कि माइनॉरिटी के साथ कैसे बर्ताव किया जाता है?
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) December 23, 2018
यहाँ हर कोई अपनी मर्जी के हिसाब से फला फूला।
इमरान ने उठाए थे भारत पर सवाल
इमरान खान ने नसीरुद्दीन शाह के बयान के बहाने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में मुसलमानों को बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता। भारत में मुसलमानों को दूसरे नजरिए से देखा जाता है। वहां मुसलमानों की सुरक्षा नहीं की जाती। मुस्लिमों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान बना है। एक सभा को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा कि पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा था कि वह भारत में नहीं रहना चाहते, क्योंकि वहां मुस्लिमों को बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इमरान खान ने कहा कि हमें पाकिस्तान में ये बात साबित करनी है कि यहां सभी अल्पसंख्यकों को बराबरी का हक मिले….नरेंद्र मोदी के भारत को हमें ये दिखाना है कि हम अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव करते हैं।
शाह की पाकिस्तान को फटकार
एक अखबार से बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने इमरान खान को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि 'मुझे लगता है कि मिस्टर इमरान खान को अपने देश में चल रहे मुद्दों पर ही फिलहाल बात करनी चाहिए, ना कि उन मुद्दों पर जिनका उनसे कोई वास्ता ही नहीं। हम 70 सालों से लोकतांत्रिक हैं। हमें पता है कि हमें अपना ध्यान कैसे रखना है।'





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