लालसोट. बेसहारा होना इस संसार में सबसे बड़ा दु:ख माना गया है। अगर किसी घटना में कोई बेसहारा युवती अपने शरीर का महत्वपूर्ण अंग ही गंवा दे, उसका दु:ख और भी कई गुना बढ़ जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि अनाथ को लाभान्वित करने के लिए कई योजनाएं संचालित होने के बाद भी उसकी पीड़ा सरकारी तंत्र नहीं सुने तो इन योजनाओं के क्रियानवन्यन पर भी कई सवाल खड़े होना लाजमी है। कुछ इसी तरह के दु:ख भरे दिनों के साथ गुजर रही है किशोरपुरा ग्राम पंचायत के गांव धोलीपाल निवासी 16 वर्षीय युवती सपना कालबेलिया।
सपना अपने बचपन में ही माता पिता को खो चुकी है। वह अब अपनी विधवा मौसी के परिवार मेें रह कर अपना जीवन गुजार रही थी कि गत माह तीन अक्टूबर को वह बिलौणा कलां गांव के पास बकरियांं चराने के लिए गई तो एक अविकसित कॉलोनी में बनी एक दुकान के पास से गुजर रही 33 केवी की विद्युत लाइन को छूने से सपना व अन्य दो बालिकाएं झुलस गई। सपना को इलाज के लिए जयुपर भेज दिया गया, जहां उसका दायां हाथ आधा व एक पैर की तीन अंगुलिया काट दी गई।
सहायता के लिए कलक्टर तक से लगाई गुहार
किशोरपुरा ग्राम पंचायत के सरपंच विजयसिंह मीना ने बताया कि सपना को सरकारी योजनाओं के तहत सहायता दिलाने का प्रयास किया, लेकिन किसी भी योजना के तहत अब तक सहायता नहीं मिली है। सरपंच ने बताया कि वे इस बारे में जिला कलक्टर से भी गुहार लगा चुके हैं। घटना के बारे मेें आज तक मंडावरी थाने में कोई मामला दर्ज नहीं होने से कोई प्रस्ताव तैयार नहीं हो सका है। बिजली निगम के अधिकारियों ने भी पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में सपना के आगे की जिंदगी कैसे कटेगी, सबसे बड़ी यह परेशानी खड़ी हो गई है।
नहीं है सहायता का कोई प्रावधान
जयुपर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता सी.एल.सैनी ने बताया कि उनके विभाग में लाइन टूटने पर तार की चपेट में आने पर ही सहायता का प्रावधान है, इस तरह के मामले में सहायता का कोई प्रावधान नहीं है।(नि.प्र.)





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